🌸 कर्म भोग - 🌸 बहुत से भाई मुझे कॉल कर बताते है की हम लोगो को राजीव भाई के अनुसार जीवन में स्वस्थ रहने की प्रेरणा देते है तो वो सुनते नहीं है और कुतर्क करते है तो मैं उनको यही कहता हूँ की जब तक अपने कर्मो के पाप फल कोई पूरा नहीं भुगत लेगा तब तक इश्वर उसको सही बात को मानने की बुद्धि नहीं देगा अतः आप प्रयास करते रहे जब उसके सद्कर्म उदय होंगे तो वो सब बात मानेगा इसी को विस्तार से यहाँ बताया गया है की क्यों बच्चो, पत्नी या माता पिता की बीमारी में हमारा धन नष्ट होता है या उनके द्वारा हमे दुःख मिलता है इसे ध्यान से पढ़े: ★ पूर्व जन्मों के कर्मों से ही हमें इस जन्म में माता-पिता, भाई-बहन, पति-पत्नि, प्रेमी-प्रेमिका, मित्र-शत्रु, सगे-सम्बन्धी इत्यादि संसार के जितने भी रिश्ते नाते हैं, सब मिलते हैं । क्योंकि इन सबको हमें या तो कुछ देना होता है या इनसे कुछ लेना होता है । ★ सन्तान के रुप में कौन आता है ? ★ वेसे ही सन्तान के रुप में हमारा कोई पूर्वजन्म का 'सम्बन्धी' ही आकर जन्म लेता है । जिसे शास्त्रों में चार प्रकार से बताया गया है -- ★ ऋणानुबन्ध :...
आने वाली पीढ़ियों को समर्पित