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तीन दिन की छुट्टी : पर्यटक बनकर तीर्थाटन का ढोंग | लाखों की भीड़ शान्ति की खोज में पहाड़ पहुंची

  तीन दिन की छुट्टी मिली… और हम शान्ति खोजने लाखों की भीड़ लेकर पहाड़ पहुँच गए! तीन दिन की छुट्टी क्या मिली, पर्यटक बनकर तीर्थाटन करने का ढोंग करने निकल पड़े  दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और आसपास के लोगों को अचानक प्रकृति, अध्यात्म और पहाड़ों से प्रेम हो गया। और प्रेम भी ऐसा कि हिमाचल से उत्तराखण्ड तक महाजाम लग गया। कैंची धाम में तिल रखने तक की जगह नहीं। समाचार के अनुसार शम तक लगभग 50,000 श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। कुल्लू में दो दिन में एक लाख से अधिक पर्यटक पहुँच गए। होटल लगभग भर गए। नैनीताल में लोग होटल नहीं मिलने पर सड़को के किनारे सो रहे है।   जागेश्वर में पार्किंग भर गई तो वाहन सड़कों पर खड़े होने लगे। शिमला-मनाली की सड़कों पर गाड़ियों की पंक्तियाँ। और यह सब देखकर मेरे मन में एक बहुत छोटा-सा प्रश्न आया हम पहाड़ों पर शान्ति खोजने जाते हैं और अब पहाड़ो के लोग शान्ति ढूंढ रहे है! सुबह घर से निकलेंगे बड़ी गाड़ी में। चार पांच  लोग बैठेंगे। पूरा सामान भरेंगे। रास्ते में प्लास्टिक की बोतलें खरीदेंगे। पैकेट वाला खाना खाएँगे। पहाड़ पर पहुँचकर गाड़ी खड़ी करने की ज...