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मार्च, 2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

भोजन हाथ से क्यो?

भोजन हाथ से क्यो? भारतीय भोजन को विदेशी तरीके से खाने के बजाय विदेशी भोजन को भी भारतीय तरीके से खाना चाहिए क्यों? अधिकतर भारतीय अपने हाथों से खाना खाते हैं। लेकिन आजकल हमने पाश्चात्य संस्कृति का अनुसरण करते हुए चम्मच और कांटे से खाना शुरू कर दिया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अपने हाथों से खाना खाने के स्वास्थ्य से संबंधित कई फायदे हैं। यह आपके प्राणाधार की एनर्जी को संतुलित रखता है: आयुर्वेद में कहा गया है की हम सब पांच तत्वों से बने हैं जिन्हें जीवन ऊर्जा भी कहते हैं, और ये पाँचों तत्व हमारे हाथ में मौजूद हैं ( आपका अंगूठा अग्नि का प्रतीक है, तर्जनी अंगुली हवा की प्रतीक है, मध्यमा अंगुली आकाश की प्रतीक है, अनामिका अंगुली पृथ्वी की प्रतीक है और सबसे छोटी अंगुली जल की प्रतीक है)। इनमे से किसी भी एक तत्व का असंतुलन बीमारी का कारण बन सकता है। जब हम हाथ से खाना खाते हैं तो हम अँगुलियों और अंगूठे को मिलाकर खाना खाते हैं और यह जो मुद्रा है यह मुद्रा विज्ञान है, यह मुद्रा का ज्ञान है और इसमें शरीर को निरोग रखने की क्षमता निहित है। इसलिए जब हम खाना खाते हैं तो इन सारे तत्व...

सिन्दूर से दूर क्यों?

सिन्दूर से दूर क्यों? ***************** कितने बुद्धिमान थे हमारे पूर्वज प्राचीन काल में :- महिलाओ के लिए एक नियम बनाया गया की विवाह के बाद नए ससुराल में विभिन्न प्रकार के मानसिक दबाव और उनके कारण होने वाली बीमारियों से दूर रहने के लिए एक औषधि (सिंदूर) अपनी बालो की माँग में लगाना है महिलाये पारिवारिक जिम्मेदारियों और लापरवाही के कारण इस नियम का सही से पालन नहीं करती थी फिर उनको कहा की अगर यह सिन्दूर आप नहीं लगाओगे तो आपका सुहाग संकट में पड़ जायेगा अब महिलाये रोज़ बिना भूले उसे लगाने लगी *********************************** तथाकथित आधुनिक काल में :- आज के युग की महिलाये स्वयं को शिक्षित समझ लेकिन असल में केवल साक्षर होकर टीवी सिनेमा की गुलामी के कारण इस सिन्दूर को गुलामी का प्रतीक समझ कर केवल ओपचारिकता के लिए लगाती है जिसमे लाल रंग के लिए कुछ भी प्रयोग कर एक छोटा सा निशान लगा लेती है और अगर घर में बड़े बूढ़े न हो तो वो भी ज़रूरी नहीं अगर इसी को नारी मुक्ति के नाम पर बढ़ाना है तो मुझे अपने घर में ऐसी नारी मुक्ति तो नहीं चाहिए ********************************* स...

युद्धविराम! प्रदीप दीक्षित अब तो ट्रेडमार्क ले ही लो!

सबकी नजर है अब तुम पर गलत करोगे तो बहिष्कार सहोगे प्रदीप दीक्षित अपना बयान याद रखना गलत करोगे तो पूर्ण बहिष्कार सहोगे राजीव भाई के समर्थकों के बिना इनका business, संस्था कुछ नही। यह अपने बयान से से थोड़े भी हिले और किसी को भी कानून के मार्ग से अन्याय किया डराया तो आपसी बैर भूलकर इनके विरुद्ध ऐसा असहयोग आंदोलन चलाना है कि इनको जीवन भर याद रहे। क्योंकि इनको दान, ग्राहक, कार्यकर्ता सब हमसे ही मिलेगा लेकिन तब जब ये केवल जन्म से नही कर्म और आचरण से सुपात्र हो। क्योंकि अभी यह राजीव भाई की विरासत को संभालने के लिए न तो जन्म से  तो और न ही कर्म से सुपात्र है। इनको राजीव भाई की फ़ोटो लगाकर हमारी आने वाली पीढ़ी की नसो में preservative वाला विष जूस में मिलाकर नही बेचने देंगे। जिन्होंने इनका साथ अज्ञानता, मूर्खता या लालच वश दिया वो सब भी ध्यान रखना की तुमको सबसे ज़्यादा जूते तुम्हे मैं मारूंगा, इस देशद्रोह के लिए। तुम्हे तो इनका सामान बेचने या पार्टी में कोई पद मिल जाएगा लेकिन राजीव भाई के असली हत्यारे तुम ही कहलाओगे। और तुम में हिम्मत है तो इनके ज़हर मिले जूस बंद करवा कर द...

यह शरीर पूर्वजो का ऋण है - वीरेंद्र सिंह (गोधूलि परिवार)

  यह शरीर पूर्वजो का ऋण है -  वीरेंद्र सिंह  (गोधूलि परिवार)

विषय वीरेंद्र का नहीं ट्रेडमार्क का है! भटकाने का प्रयास हुआ विफल

विषय वीरेंद्र का नहीं ट्रेडमार्क का है!  भटकाने का प्रयास असफल करेगा यह वीडियो

होली के प्राकृतिक रंग स्वयं बनाये !

होली के प्राकृतिक रंग स्वयं बनाये !

राजीव भाई की फ़ोटो को बना दिया ट्रेडमार्क!

राजीव भाई की फ़ोटो को बना दिया ट्रेडमार्क राजीव भाई के प्रचार वाले सभी यूट्यूब चैनल और फेसबुक पेज होंगे बंद  ************ नीचे दिए लिंक पर क्लिक करे और यह एप्लीकेशन नंबर 3423240 डाले और स्वयं देखे की क्या पाप हुआ है https://ipindiaonline.gov.in/eregister/Application_View.aspx ****************************************** ट्रेडमार्क की परिभाषा है। "a special symbol, design or that a company puts on its products and that cannot be used by any other company व्‍यापार-चिह्न (किसी कंपनी द्वारा अपनी वस्‍तुओं के लिए प्रयुक्त विशेष चिह्न, डिज़ाइन या नाम जिसका इस्‍तेमाल दूसरी कंपनी नहीं कर सकती), मार्का, ट्रेडमार्क ***************************************************************************** आप सभी को जानकर अति दुख होगा कि प्रदीप दीक्षित ने राजीव भाई के नाम व फ़ोटो का कॉपीराइट अर्थात ट्रेडमार्क ले लिया है। इसका देशव्यापी विरोध होना चाहिए। जिन राजीव भाई ने स्वयं कभी कॉपीराइट का समर्थन नहीं किया राजीव दीक्षित के छोटे भाई ने वो कर दिया जिसे देख उनके भाई की आत्मा रोती होग...

एक जीन्स बनाने में लगता है 8000 लीटर पानी!

एक जीन्स बनाने में लगता है 8000 लीटर पानी ! ********************************** खादी पहनने वालो को गर्व करने का एक और कारण मिला इतना पानी क्यों खर्च करते है हम ! विभिन्न उत्पादों और वस्तुओ को तैयार करने में खर्च होने वाले पानी की मात्र को वाटर फुटप्रिंट कहते है विभिन्न वस्तुओ का Water Footprint एक किलो सेब - 700 लीटर एक किलो केला - 860 लीटर एक किलो ब्रेड - 1608 लीटर एक किलो धान -  3400 लीटर एक किलो मुर्गा का माँस -  4325 लीटर ***************************** एक कॉटन शर्ट - 2500 लीटर जीन्स - 8000 लीटर एक किलो चमड़ा - 17093 लीटर ******************************** इसका अर्थ है की हमें पानी की बचत करनी होगी ऐसी वस्तुओ का प्रयोग बंद करके जिनका वाटर फुटप्रिंट अधिक है अर्थात - मांसाहार, जीन्स, चमड़ा उत्पाद का उपयोग कम करना होगा आने वाली पीढियों पर उपकार होगा **************************** वीरेंद्र की लेखनी से संस्थापक वीरेन्द्र गौधूली VirenderSingh.in Gaudhuli.com

Video With Judgement Copy: Rajiv Dixit vs Cow Butchers

औरंगाबाद गोरक्षा व्याख्यान :  राजीव भाई द्वारा किये गए गोहत्या के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट केस की कॉपी के साथ  इस विडियो में वर्णित केस का निर्णय सुप्रीम कोर्ट द्वारा  26 अक्टूबर 2005 को दिया गया जिसका उल्लेख राजीव भाई ने किया है  अथक परिश्रम के पश्चात उसकी कॉपी इस लिंक पर प्राप्त हुई है  Supreme Court Judgement Copy involving Cow advantages as mentioned in this video by Rajiv Dixit https://www.sci.gov.in/jonew/judis/30232.pdf वीरेंद्र की लेखनी से संस्थापक वीरेन्द्र गौधूली VirenderSingh.in Gaudhuli.com

तेल का विज्ञान एक वाक्य में

तेल का विज्ञान एक वाक्य में गाँव की एक निरक्षर परन्तु शिक्षित वृद्ध महिला द्वारा ************************************ गाँव की महिलाओ से मैंने क्या सीखा? ******************************* भ्रामक विज्ञापनों के दम पर आज हर जगह रिफाइंड तेल की धूम है Imported Olive Oil क्रांति की बात हो रही है अतः नीचे लिखी बात का महत्व और बढ़ जाता है ************************************** बात 2013, भिवानी, हरियाणा के एक गाँव की है व्याख्यान के बाद एक वृद्ध माताजी के घर में भोजन करने का अवसर मिला भोजन करते समय तेल के बारे में जानकारी ली तो उस महिला के मुख से खाने वाले तेल के बारे में एक ऐसी बात निकली की मैं नतमस्तक हो गया जिस वाक्य के बल पर तेल के नुक्सान समझाने के लिए हमे कई घंटो तक विज्ञानं समझाना नहीं पड़ता जब मैंने पुछा की आप TV  विज्ञापन में दिखाए जाने वाले रिफाइंड तेल का प्रयोग क्यों नहीं करती तो उनके मुखारविंद से वह महा वाक्य निकला - "बेटा रिफाइंड तेल अगर अच्छा होता तो अपने पोते की मालिश मैं इसी से करती और अपने सर में रोज़ लगाती" मैं थोड़ी देर तक खाना छोड़कर सोचता रह...

अभिनंदन के अभिनंदन में पुलवामा के 40 की शहादत भूल न जाना!

तब तक बंद करो यह ढोल नगाड़े! अभिनंदन के अभिनंदन में पुलवामा के 40 की शहादत भूल न जाना 1 के आने की खुशी अच्छी है लेकिन 40 जो कभी न आएंगे उनका क्या? कहने का अर्थ यह कि काम अभी पूरा नहीं हुआ है। आतंकियों के मरने से दुखी पाक ने हमारे देश मे लड़ाकू जहाज़ भेज दिए। और हम उनके एक F16 को मारकर खुश हो रहे है।  दुनिया के इतिहास में पहली बार एक मिग- 21 द्वारा एक F16 को मार गिराने का अद्भुत कार्य अभिनंदन ने किया है। ऐसे कई अभिनंदन और चाहिए और उन्हें सुखोई जैसे विमान देकर भेज दो।  जब तक कि एयर इंडिया के विमान IC 184 को हाइजैक कर उसके यात्रियों की जान के बदले छोड़े गए  मसूद अज़हर  को कफन नसीब न हो जाये।  एयर इंडिया के उस विमान के यात्री क्या चैन से सो पाते होंगे जिनकी जान की कीमत के बदले  आज तक न जाने कितने ही लोग हाफि ज सईद और  मसूद अज़हर  जैसे आतंकी के शैतानी मंसूबो की भेंट चढ़ गए। तब तक बंद करो यह ढोल नगाड़े। वीरेंद्र