हिन्दी English कश्यपसंहिता में वर्णित 3 हज़ार वर्ष पुराना स्वर्णप्राशन आयुर्वेदिक टीकाकरण - स्वर्णप्राशन भारत की इस धरा ने - हमारी साँस्कृतिक परंपरा ने कई महापुरुषो, संतो, शूरवीरो, बौद्धिको, महान तत्ववेत्ताओ को जन्म दिया है। पर इस परंपरा को खडी करने और इतने सारे महान चरित्रो का संगोपन कैसे किया होगा यह हमने कभी सोचा है क्या? हमारे प्राचीन ऋषिओं ने इसके लिये अथाह परिश्रम उठाया है। स्वर्ण यानि सोना (Gold) और प्राशन यानि चटाना। बाल संस्कार जन्म से 12 वर्ष पुष्य नक्षत्र कश्यप संहिता स्वर्णप्राशन मंगवाएँ पुष्य नक्षत्र की तिथियाँ ...
आने वाली पीढ़ियों को समर्पित