सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

गुरूजी एवं राजीव दीक्षित जी का मेरे जीवन पर प्रभाव - एक वार्ता - All India Radio - Adilabad

गुरूजी एवं राजीव दीक्षित जी का मेरे जीवन पर प्रभाव - एक वार्ता - All India Radio - Adilabad

बच्चो के लिए सही गुणवत्ता का वसा (Fat) क्यों आवश्यक है?

बच्चो के लिए सही गुणवत्ता का वसा (Fat) क्यों आवश्यक है? आज गाय के घी के महत्व को जानकर बाजार में विभिन्न प्रकार की ब्रांड आ गयी है। परंतु चमक दमक के अतिरिक्त गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की क्षमता कुछ ही लोगो मे है। गोघृत एक ऐसा अमृत है जो बच्चे, युवा एवं वृद्ध तीनो के लिए उत्तम औषधि है। इसी के अंतर्गत वीरेन्द्र गौधूली के सदस्य परिवारों के आग्रह पर तीन प्रकार की गाय की नस्लो का शुद्ध गोघृत मथनी द्वारा बिलोकर तैयार करवाया है। वीरेन्द्र गौधूली द्वारा 4 प्रकार की देसी भारतीय नस्ल की गोमाताओ का शुद्ध वैदिक विधि से निर्मित गौघृत उपलब्ध है  1. गंगातीरी गौमाता   2. कांकरेज गौमाता  3. नागौरी गौमाता  4. बद्री गौमाता  यह सभी गोघृत जो प्रति माह सीमित मात्रा में बन रहे है वह अपनी मांग और अद्वितीय गुणवत्ता एवं स्वाद के कारण  उत्पादन होते ही सदस्य परिवारों में बंट जाता है। भाई राजीव दीक्षित जी द्वारा गोमाता के महत्त्व को जिस प्रकार से प्रचारित किया गया उस कारण अब लोगो ने इसके महत्व समझा है।  बच्चो के लिए स्वस्थ जीवन सुनिश्चित कीजिये:  बचपन मे...

YatraveLogs: प्रवास-ए -बनारस (Part-1)

अब भैंस का भी a2 प्रोटीन युक्त दूध आ गया

और बेचो a2 दूध ! अब भैंस का भी a2 प्रोटीन युक्त दूध आ गया 2015 में जो मैंने A2 दूध के नाम के षड्यंत्र की बात कही थी वह सत्य हो ही गयी! ****** गोमाता के दूध को A2 कहना भी एक षड्यंत्र है कल बहुत चिंतन के बाद और राजीव भाई के मार्गदर्शन के बाद यह तथ्य सामने आया है की भारतीय गाय के दूध को A2 दूध कहकर संबोधित करने का षड्यंत्र एक बहुत सोची समझी रणनीति के अंतर्गत हो रहा है कैसे ? A1 और A2 एक Gene है जिसमे A1 जीन विदेशी गाय और A2 जीन भारतीय गाय में पाया जाता है अब कल को इस जीन को Genetic Engineering के द्वारा विदेशी गाय में डाल कर उसके दूध को भी A2 घोषित कर किसी विदेशी लैब द्वारा प्रमाणित कर दिया जाये तो बहुराष्ट्रीय कंपनियों की तो चांदी हो जाएगी और फिर लोग कोका कोला और पेप्सी की कोल्ड ड्रिंक नहीं A2 दूध पीने के लिए लाइन लगाकर खड़े हो जायेंगे और यह पढ़े लिखे अशिक्षित लोग उसी का गुणगान करेंगे क्योंकि इन कंपनियों को यह नज़र आ गया है की ज़हरीले पेय पदार्थ अधिक वर्षो तक नहीं कल पाएंगे क्योंकि लोग जागरूक हो ही जायेंगे इनके विरुद्ध अतः सभी से निवेदन है की भारतीय गोमा...

पोलियो के खुराक से बच्चो में हो रहा लकवा

पोलियो के खुराक से बच्चो में हो रहा लकवा -दुनिया में प्राकृतिक रूप से होने वाले पोलियो मुकाबले पोलियो के टीके के कारण ज़्यादा बच्चे पोलियो के शिकार हो रहे है जो बहुत ही गंभीर स्थिति है। -40 देशों की सरकारों ने कई वर्ष पहले पोलियो से जुड़े खतरों के कारण अपने देशो में ओपीवी पर रोक लगा दी थी। -  सुविधा के लिए, भारत जैसे कई देशों द्वारा नैतिक मुद्दों की अनदेखी की गई है; मौजूदा कार्यक्रम की समीक्षा करने की आवश्यकता है। ************************************************************** नई दिल्ली: पिछले पांच वर्षों में भारत में कम से कम 400 बच्चों में ओरल पोलियो वैक्सीन (OPV) प्राप्त करने के बाद पोलियो विकसित हुआ है , एक शीर्ष भारतीय बाल रोग विशेषज्ञ ने एक हाल ही में प्रकाशित एक वैज्ञानिक पेपर में खुलासा किया है जिसमे कि ओपीवी के निरंतर उपयोग की नैतिकता पर सवाल उठता है । टी जैकब जॉन, जो क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज, वेल्लोर में एक प्रोफेसर है और जिन्होंने पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन और भारत सरकार को पोलियो उन्मूलन नीतियों पर सलाह दी है, ने ओपीवी के निरंतर उपयोग को एक "नैतिक विसं...

बिकती बोतल देख के दी गंगाजी रोय।

बिकती बोतल देख के दी गंगाजी रोय। पुण्य कमाने आयो थो पर नोट कमा गयो कोय।। ************* गंगा जी के किनारे की दुकान और होटल पर बिकती मिनरल वाटर की बोतल को देखता हूँ तो पता नही क्यों वो बोतल व्यंगात्मक शैली में हम पर हँसती हुई दिखाई देती है! और फिर न जाने उसको खरीदने वाले Indians को देखकर मुझ जैसे भारतीय के चेहरे पर भी वही हँसी आ जाती है। ************* अब यहां से उन लोगो के लिए लिख रहा हूँ जिनको यह पोस्ट समझ नही आएगी और वो वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदूषित घोषित हो चुकी गंगा जी की रिपोर्ट का हवाला देते टिप्पणी करेंगे कि गंगा जी का पानी पीने योग्य नही बचा है। उनको बताना चाहता हूँ कि गंगा जी के किनारे लगे हैंडपम्प या नल से पानी पिया हो तो समझ जाओगे की मैं क्या कहना चाहता हूँ। भरी धूप या प्यास में इस जल की शीतलता को अनुभव कर यह लगता है कि अमृत का स्वाद भी कुछ ऐसा ही होता होगा। जिनको यह अनुभव हुआ है वो समझ जायेंगे ********** भ्रमित भारतीयों के भ्रम का भ्रमण वीरेंद्र की की बोर्ड रूपी कलम से

मॉडर्न आयुर्वेद ने वास्तविक आयुर्वेद का किया नाश!

मॉडर्न आयुर्वेद ने वास्तविक आयुर्वेद का किया नाश! यह शीर्षक समझने के लिए इस चित्र को देखिए। इस चित्र में लगी मूर्ति हमारे सुश्रुत ऋषि जी की है जो "Royal Australian Society of surgeons" के प्रांगण में लगी है। विडंबना देखिए जिस आयुर्वेद के ऋषि कें ज्ञान कर कारण पूरी दुनिया ने सर्जरी अर्थात शल्य चिकित्सा सीखी आज आधुनिक आयुर्वेद शिक्षा संस्थानों से किसी भी डिग्री धारक (BAMS) को सर्जरी करने का अधिकार नही है। यह तो वही बात हुई कि बच्चों के माता-पिता को अपने ही बच्चो से वंचित कर दिया जाएं। आज कुछ विलक्षण बुद्धि वाले आयुर्वेदिक डॉक्टरों को यदि छोड़ दिया जाए तो आज अधिकतर आयुर्वेद के डिग्री धारक इलाज एलोपैथी का प्रयोग कर तुरंत परिणाम के लालच में कर रहे है। इसका बड़ा कारण है कि इसमें अधिकतर वह लोग है जो MBBS नही कर पाए लेकिन नाम के आगे डॉक्टर, गले मे स्टेथोस्कोप और शरीर पर सफेद कोट लगाने की धुन में BAMS करना पड़ता है। लेकिन मन से MBBS ही है। अधिकांश लोगो को यह संभवतः ज्ञात न हो कि BHMS(होम्योपैथी), BAMS(आर्युवेद) की तरह MBBS भी स्नातक अर्थात bachelor's डिग्री है और इस...

मूल से अधिक प्यारा ब्याज होता है!

मूल से अधिक प्यारा  ब्याज  होता है  मूल से अधिक प्यारा  ब्याज  होता है इस चित्र में खिड़की के बाहर मेरे पिता किसी काम से दिल्ली रुके और हमे छोड़ने स्टेशन पर आये थे या कहूँ की अपने पोता पोती को छोड़ने आए थे। पोते को फल आदि देकर ट्रेन चलने से 10 मिनट पहले डिब्बे से उतर गए परंतु उनका पोता गव्यांश उन्हें देख लेगा तो रोयेगा इसीलिए जब तक ट्रेन नही चली तब तक बाहर छुप कर खड़े रहे। चाहते तो जा सकते से लेकिन गए नही। मन में तो था की उनका पोता एक नज़र देख कर उनकी ओर मुस्करा दे लेकिन पता था की देखते ही रोएगा तो छुपम छुपाई का खेल यूँ चला कि उसे देखना तो है लेकिन दिखना नही है। छुपम छुपाई का खेल जोरो पर था की ट्रेन खिसकने लगी। दादा खिड़की की ओर लपके और लगे हाथ हिलाने। ऐसे में कुछ नया कहने को नही होता बस अपनो की वो झलक भर दिख जाए उसी मे जीवन निहाल हो जाता है। पोता चलती गाड़ी के आनंद में मस्त था और दादा को हाथ हिलाते नही देखा तो उसके आनंद में ही अपना आनंद खोज कर दादा ने गाड़ी के साथ अपनी छोटी सी दौड़ समाप्त की और मन में संतोष किया की च...

Don't Say "Cheese", Say "Ghee"

Don't Say "Cheese", Say "Ghee" कैसे बनता है गंगातीरी गाय का सूर्य तापित घृत?

बचपन की गोधूलि वेला

बचपन की गोधूलि वेला गोधूलि का अर्थ है संध्या के समय जंगल से चरकर आती हुई गाय के खुरो से उड़ती हुई पवित्र धूल परन्तु जिसने इस गोधूलि वेला के केवल शाब्दिक अर्थ को समझा और प्रत्यक्ष अनुभव से आज तक वंचित वह अभागा ही कहलायेगा। इसका कारण यह है की इस शब्द का केवल इतना सा अर्थ नहीं है, इसके अनेक और गहरे अर्थ है। मेरा व्यक्तिगत मानना है की हिंदी साहित्य को तब तक सही अर्थो में नहीं समझा जा सकता जब तक आपने स्वयं ग्रामीण परिवेश निकटता से नहीं देखा है। 1980 से 1990 के बीच जन्मी पीढ़ी उन कुछ भाग्यशाली अंतिम पीढ़ियों में से है जिन्होंने इसका अनुभव किया है। राजस्थान के नीमराना के किले से 10 किलोमीटर दूर स्थित मेरे पैतृक गाँव में बचपन मैंने चूना बनते भी देखा है, ऊँट से बंधी रस्सी पर बैठकर कुए से पानी भी खींचा है, चूल्हे के लिए जंगल से लकड़ी भी चुनी है, बालू रेत की भर में लुढ़के है, खेत में घर से आयी हुई रोटी भी खायी है, दादा जी के देहांत पर 13 दिन तक बैठ कर गरुड़ पुराण भी सुनी है, जिसे स्थानीय बोली में "गरड़ बांचना" कहते है, परदादी के द्वारा नज़...

शुभ-लाभ: घर संभलेगा तो देश संभलेगा, देश संभलेगा तो घर संभलेगा

    शुभ-लाभ:    घर संभलेगा तो देश संभलेगा, देश संभलेगा तो घर संभलेगा  

vLog: दिनचर्या: भाई-भाभी की (3 Parts)

vLog: दिनचर्या: भाई-भाभी की ********************* भाग -1 /3 *********************                               भाग -2 / 3       ********************* भाग -3 / 3

लघु वृतचित्र - एक गुरुकुल / Short Documentary - A Gurukul

एक गुरुकुल - लघु वृतचित्र  A Gurukul - Short Documentary अनर्थकारी आधुनिक शिक्षा का प्रभावकारी विकल्प। महर्षियों द्वारा स्थापित पुरुषों की 72 एवं स्त्रियों की 64 कलाओं पर आधारित श्रेष्ठ आर्य शिक्षा

बन गई मोदी सरकार तो अब आगे क्या? -पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ जी

बन गई मोदी सरकार तो अब आगे क्या?  ऋषिकेश, 03 जून 2019 पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ जी

Another propaganda: Spa birthday parties for kids

Another propaganda: Spa birthday parties for kids ************* आने वाली पीढ़ियों पर करें उपकार भारतीयता स्वीकार अंग्रेज़ियत का बहिष्कार आज टाइम्स ऑफ इंडिया में एक समाचार पढ़ा, जिसमें बच्चों के जन्म दिवस पर सामान्य तौर पर होने वाली पार्टी की जगह स्पा पार्टी के आयोजन की बात कही गई। यह खबर किसी राष्ट्रीय विषय को उठाने के अंतर्गत नहीं छापी अपितु वह किसी एक मूर्ख महिला द्वारा अपने बच्चे के लिए की गई इस पार्टी को देशभर में अनुसरण कर करवाने के लिए छापी। राजीव भाई टाइम्स ऑफ इंडिया पढ़ते थे क्योंकि उन्हें पता है कि जितने भी षड्यंत्र हैं उनकी जानकारी इस अखबार को पढ़ने से अवश्य मिल जाएगी। यहां षड्यंत्र यह है कि किसी कंपनी द्वारा एक महिला को ऐसी पार्टी करने की प्रेरणा देकर और फिर राष्ट्रीय अखबार में उसे प्रमुखता से स्थान देने के लिए व्यवस्था की गई और इसका प्रभाव यह होगा कि पैसे से समृद्ध परंतु बुद्धि से पैदल लोग इसका अंधानुकरण करेंगे। जो बचपन से ही बच्चों को ब्यूटी पार्लर जैसे स्थान का ग्राहक बनाने की तैयारी कर देगा जिसके फलस्वरूप इन ब्यूटी पार्लर में प्रयोग ह...

अब योग होगा, योगा नहीं होगा!

अब योग होगा, योगा नहीं होगा! सभी योगाचार्य, शिष्य, योग, भारतीयता, स्वदेशी, राजीव दीक्षित के समर्थको से अनुरोध है की कम से कम ऐसे शब्दों को तो हम न बिगाड़े जिनसे हमारे भारत की पहचान है पतंजलि ऋषि ने हमने योग की शिक्षा दी लेकिन अब उसे योगा बना दिया ठीक वैसे ही आयुर्वेद को आयुर्वेदा राम को रामा बुद्ध को बुद्धा वेद को वेदा आदि आदि बोलते है जो अंग्रेजी राज के कारण उत्पन्न हुई विकृति है और अजादी के इतने सालो बाद भी प्रयोग होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है इसीलिए अपने स्तर पर यह आन्दोलन चलाओ की जहाँ भी यह शब्द गलत लिखे मिले उन्हें ठीक करवाए और आवाज़ उठाये। ****** वीरेंद्र की लेखनी से संस्थापक वीरेन्द्र गौधूली VirenderSingh.in Gaudhuli.com *********

56 देशों मे बैन आयोडीन नमक भारत में क्यों नहीं?

56 देशों मे बैन आयोडीन नमक भारत में क्यों नहीं? क्या आपके नमक में आयोडीन है? US, जर्मनी समेत 56 देशों में प्रतिबंधित है आयोडीन नमक वैश्विक स्तर पर तमाम नसीहतों तथा अमेरिका, डेनमार्क और जर्मनी समेत विश्व के 56 प्रमुख देशों में प्रतिबंधित आयोडीन युक्त नमक का चलन हमारे देश में बदस्तूर जारी है। विश्व बैंक के अध्ययन और संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) की रिपोर्ट में इसके दुष्प्रभाव तथा अनुपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला गया है, पर तमाम प्रयासों के बावजूद भारत सरकार ने इस पर पाबंदी लगाने के बजाय इसका उपयोग अनिवार्य कर रखा है। 40 से ज्यादा बीमारियों की वजह है आयोडीन नमक ************************* अमेरिकी कैंसर शोध संस्थान के वरिष्ठ सदस्य डॉक्टर फ्रेडरिक हाफमैन समेत कई शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में आयोडीन युक्त नमक को मानव स्वास्थ्य के लिए घातक पाया है और इसे कैंसर, लकवा, रक्त चाप, खारिश खुजली, सफेद दाग, नपुंसकता, डायबिटीज और पथरी जैसी 40 से भी ज्यादा बीमारियों का जनक बताया है। दुनिया के कई देशों में प्रतिबंधित होने के बावजूद भा...

क्यो लीपा कार को गोवर से?

कार को गोबर से कार को गोबर  से लीपकर किया अद्भत काम ************** गाय का वर अर्थात गाय का वरदान। गोवर जिसका बिगड़ा स्वरूप अर्थात अपभ्रंश है "गोबर"। जहां यह गोवर गिरता है उसके नीचे का तापमान बढ़ता नही है अर्थात सूखा नही पड़ता वहां नमी बनी रहती है। वो स्थान मरुस्थल नही बनेंगे। इसीलिए गाय जहां विचरती है वहां का जल स्तर नीचे नही जाता था जो आज नीचे जा रहा है। विकिरण रोकने के साथ तापमान को नियंत्रित करने का भी अद्भुत गुण है इसमें। इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन के परीक्षण का प्रत्यक्ष प्रमाण इस वीडियो में है यही कारण था कि हमारे गाँव की स्थापना में गोबर से लीपे घरों में रहने की व्यवस्था रही। चूल्हे से उठने वाले धुंए को सोखने का भी गुण इसमें है। आंगन को भी गोबर से लीपा जाता था जिस से पैर न जले। अब इन सब गुणों को ध्यान में रखते हुए अपनी कार को गोवर से लीप देने का अद्भुत कार्य किसी ने किया है। जिस से कार अधिक गर्म न हो। यह किसने किया यह महत्व का नही जो किया है वह महत्व का है। ऐसे गोभक्तो को नमन। ऐसे ही नए विचारों का ढिंढोरा जम कर पीटने को मैं व्यक्तिगत र...

जब लूटने वाले पूर्ण सक्रिय है तो बचाने वाले शांत क्यों बैठे?

जब लूटने वाले पूर्ण सक्रिय है तो बचाने वाले शांत क्यों बैठे? अभी तो बहुत काम बाकी है (एक छोटी सी घटना जो मेरे साथ हुई) मेरे पिता सेना से सेवानिवृत्त है और उन्हें सेना की कैंटीन से सस्ता सामान जो ज़्यादातर विदेशी होता है वो बाज़ार से काफी कम दाम पर मिल जाता है लेकिन उसका फायदा राजीव भाई को सुनने के बाद कम ही ले पाते है मेरे पिता अपने स्वभाव के कारण सभी की मदद को तैयार रहते है मेरे घर के पास आर्थिक रूप से परेशान एक नल आदि ठीक करने वाला plumber सूरज रहता है जो हमें भी अपनी सेवा देता रहता है उसने पिता जी से निवेदन किया की मुझे कैंटीन से कुछ सामान मंगवाना है पिताजी ने कहा की जब वहां का चक्कर लगेगा तो ले आऊंगा, मेरे पिता का खुद का सामान कम होता है और दूसरो का अधिक वो सामान ले आये और घर पर कोने में रख दिया मुझे इस बात का पता नहीं था तो मैंने पुछा की यह सामान किसका है तो उन्होंने कहा की प्लम्बर का है क्योंकि उस सामान में Horlicks, Johnson Baby Soap, Maggi , ketchup जैसी वस्तुए थी जो हमारे घर में प्रयोग नहीं होते थे लगभग रूपए 1500-2000 का सामान था 15-20 दिन हो ...

फ़ास्ट फ़ूड नहीं स्लो फ़ूड देगा स्वास्थ्य!

फ़ास्ट फ़ूड नहीं स्लो फ़ूड देगा स्वास्थ्य - Central University, Dharamshala, Himachal वीरेंद्र की लेखनी से संस्थापक वीरेन्द्र गौधूली VirenderSingh.in Gaudhuli.com

मुझसे नही स्वयं से पूछे की टीका लगवाए की नही? - वीरेंद्र सिंह

मुझसे नही स्वयं से पूछे की टीका लगवाए की नही? - वीरेंद्र सिंह

(भाग - 2) मांसाहार: कुतर्क एवं भ्रम

(भाग - 2) मांसाहार: कुतर्क एवं भ्रम *************************** कुतर्क 2) क्या आप भोजन मुहैया करा सकते थे वहाँ जहाँ एस्किमोज़ रहते हैं (आर्कटिक में) और आजकल अगर आप ऐसा करेंगे भी तो क्या यह खर्चीला नहीं होगा? खण्ड़न- अगर एस्किमोज़ मांसाहार बिना नहीं रह सकते तो क्या आप भी शाकाहार उपलब्ध होते हुए एस्किमोज़ का बहाना आगे कर मांसाहार चालू रखेंगे? खूब!! एस्किमोज़ तो वस्त्र के स्थान पर चमड़ा पहते है, आप क्यों नही सदैव उनका वेश धारण किए रहते? अल्लाह नें आर्कटिक में मनुष्य पैदा ही नहीं किये थे,जो उनके लिये वहां पेड-पौधे भी पैदा करते, लोग पलायन कर पहुँच जाय तो क्या कीजियेगा। ईश्वर नें बंजर रेगीस्तान में भी इन्सान पैदा नहीं किए। फ़िर भी स्वार्थी मनुष्य वहाँ भी पहुँच ही गया। यह तो कोई बात नहीं हुई कि दुर्गम क्षेत्र में रहने वालों को शाकाहार उपलब्ध नहीं, इसलिए सभी को उन्ही की आहार शैली अपना लेनी चाहिए।  आपका यह एस्किमोज़ की आहारवृत्ति का बहाना निर्थक है। जिन देशों में शाकाहार उपलब्ध न था, वहां मांसाहार क्षेत्र वातावरण की अपेक्षा से मज़बूरन होगा और इसीलिए उसी वातावरण ...

देश को बेचने के लिए मारा शास्त्री जी को!