अब योग होगा, योगा नहीं होगा!
सभी योगाचार्य, शिष्य, योग, भारतीयता, स्वदेशी, राजीव दीक्षित के समर्थको से अनुरोध है की कम से कम ऐसे शब्दों को तो हम न बिगाड़े जिनसे हमारे भारत की पहचान है
पतंजलि ऋषि ने हमने योग की शिक्षा दी लेकिन अब उसे योगा बना दिया
ठीक वैसे ही
आयुर्वेद को आयुर्वेदा
राम को रामा
बुद्ध को बुद्धा
वेद को वेदा
आदि आदि
बोलते है जो अंग्रेजी राज के कारण उत्पन्न हुई विकृति है और अजादी के इतने सालो बाद भी प्रयोग होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है
इसीलिए अपने स्तर पर यह आन्दोलन चलाओ की जहाँ भी यह शब्द गलत लिखे मिले उन्हें ठीक करवाए और आवाज़ उठाये।
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वीरेंद्र की लेखनी से
संस्थापक
वीरेन्द्र गौधूली
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