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चतुर्थ गौधूली शिविर कैंप, ऋषिकेश - 02 से 06 जून 2025 - (शिविर स्थल तक कैसे पहुंचे?)

चतुर्थ गौधूली पांच दिवसीय पारिवारिक शिविर (02 से 06 जून 2025 ) *******************************************   शिविर स्थल तक कैसे पहुंचे? जानकारी केवल पंजीकृत व्यक्तियों के लिए यदि आपने पंजीकरण नहीं करवाया है और फिर भी आप शिविर में आना चाहते है तो किसी धर्मशाला, होटल, आश्रम या अन्य स्थान पर स्वयं की रुकने की व्यवस्था करके भी शिविर में सहयोग राशि देकर भाग ले सकते है। यदि किसी कारणवश शिविर स्थल आश्रम में रहने का स्थान उपलब्ध होगा तो ही आपको देने का प्रयास किया जाएगा। ************* ट्रेन से कैसे पहुंचे? *************** अधिकांश ट्रेन आपको हरिद्वार तक मिलेगी एवं कुछ ही ट्रैन ऋषिकेश तक आती है अधिकांश लोग हरिद्वार उतरकर टैक्सी या ऑटो से ऋषिकेश तक जाते है। हरिद्वार से ऋषिकेश की दूरी 30 किलोमीटर है। ऑटो आपको मुनि की रेती ऑटो स्टैंड तक छोड़ेगा वहां से ऑटो वाले को आपको "तपोवन पुलिस चौकी" तक जाने के लिए कहना है शिविर स्थल वहां से 400 मीटर की दूरी पर है जिसकी वास्तविक स्थिति नीचे दिए गूगल मैप लिंक में दी गयी है यदि टैक्सी या अपनी गाडी से आ रहे है तो नीचे दिए लिंक में स्थान तक आप आ सकते ...

"जागे हुए को मैं क्या जगाऊँ?"

"जागे हुए को मैं क्या जगाऊँ?" बचपन में सुबह हम जब बिस्तर से नहीं उठते थे ऊंघते रहते थे तो माँ एक वाक्य कहती थी कि "जागे हुए को मैं क्या जगाऊँ?" आज इस समाज पर यह बात सटीक बैठती है जो अधिकतर अपनी जीभ के स्वाद का गुलाम बन, जान-बूझकर अनजान बन वही खा रहा है जिसने आपके घर के सदस्य को अस्पताल का सदस्य (मरीज़) बनाया क्योंकि ऐसे अस्पताल में आने वाले लोगो को सोशल मीडिया के युग में सही गलत का पता न हो वह मैं मान ही नहीं सकता। आने वाली पीढ़ियां हमारे आज का आचरण से निर्मित होती है इस बात को ध्यान में रख यह पोस्ट पढ़ें किसी मित्र के कार्य हेतु एक तथाकथित चमक दमक होटल जैस हो(स्पी)टल में जाना हुआ मरीज़ो से भरा और परन्तु इलाज से खाली था. लाइन लगाकर लोग पैसा जमा करने की होड़ में थे और समय उनके पास भरपूर था।  यह मेरा मानना है की पैसा और समय सबके पास होता है और इसे लूटने की कला आधुनिक अस्पतालों ने बखूबी सीख लिया है। यह जो उदहारण मैं दे रहा हूँ उस से पुनः यह बात साबित हो जाती है की जिस चिकित्सा व्यवस्था वालो को इतना भी भान नहीं है की अस्पताल में स्वस्थ भोजन का क्या अर्थ य...

पेट में मोम (WAX) जमा कैसे करें?

पेट में मोम (WAX) जमा कैसे करें? यह बहुत आसान है!  Disposable पेपर कप में चाय, पानी दूध आदि आदि प्रतिदिन प्रयोग करके यह आसानी से किया जा सकता है  आइये जानते है कैसे? **************************************************** आखिरकार, आज का युग सफाई पसंद है वो जीवन में हर पहलु में डिस्पोजेबल (Disposable) तकनीक का प्रयोग करता है चाहे वो रिश्ते हो या बर्तन USE and THROW! विशेषकर शादियों में, बड़े बड़े कॉर्पोरेट दफ्तरों में छोटे छोटे ढाबो पर, चाय की दुकान पर, ट्रेन में, बस में और न जाने कहाँ कहाँ सब विदेशियों की तरह डिस्पोजेबल प्रयोग करने लगे है। क्योंकि सब बहुत पढ़े लिखे है कोई गलत काम नहीं करते। बर्तन जूठा भी नहीं करते और यह सोचकर की यह प्लास्टिक का कचरा चन्द्रमा पर चला जायेगा अपनी जीवन शैली में सब कुछ Disposable प्रयोग करने लगे। वैसे लिख तो दिया है की जनहित में जारी लेकिन ऐसे जन का हित करने के मन नहीं है जो जानबूझ कर अपनी आने वाली पीढियों के लिए संस्कारो की नहीं बल्कि दिल्ली जैसे कचरे के पहाड़ और बीमारी से भरे एक समाज की विरासत छोड़ कर जायेगा। कैसे बनता है यह? ...

उचित स्वदेशी अपनाएं, भारत बचाएँ

उचित स्वदेशी अपनाएं, भारत बचाएँ अर्थात स्वदेशी को स्वदेशी के माध्यम से ही अपनाएं *** बहुत से लोग पूछते है कि भाई आप अपने गोधूलि के उत्पाद अमेज़न और फ्लिपकार्ट जैसी ईकॉमर्स वेबसाइट से क्यों नहीं बेचते? जिस से शुद्ध सामान सबको आसानी से मिल सके तो मैं विनम्रता से कहना चाहूंगा की इनके भरोसे काम न किया है न करेंगे जो मुनाफा इनको देना है वो अपने उत्पादक भाई या परिवार को देना अधिक बेहतर है इनके द्वारा सामान बिकवाना एक तरह से इनके हाथ बिकना है जो स्वीकार्य नहीं है हमें सभी देशवासियों से निवेदन है की स्वदेशी सामान का माध्यम भी स्वदेशी हो तो ही उचित है कोरोना के बाद भी यदि हम भारतवासियों की आँखें न खुली तो भारत क़र्ज़ के ऐसे दुष्चक्र में फँस जायेगा जिसको चुकाते चुकाते हमारी आने वाली पीढ़ियां पूर्ण आर्थिक गुलामी में फस जाएगी। हो सकता है वर्तमान आर्थिक संकट से निपटने के लिए सरकार बड़े बड़े आर्थिक सहायता के पैकेज देश को दें परन्तु वह सब वर्ल्ड बैंक आदि से लोन के माध्यम से ही मिलेगा और यह क़र्ज़ जो किसी नेता को अपनी जेब से नहीं अपितु भारत की प्रजा को ही चुकाने है उसके लिए ज...

Another propaganda: Spa birthday parties for kids

Another propaganda: Spa birthday parties for kids ************* आने वाली पीढ़ियों पर करें उपकार भारतीयता स्वीकार अंग्रेज़ियत का बहिष्कार आज टाइम्स ऑफ इंडिया में एक समाचार पढ़ा, जिसमें बच्चों के जन्म दिवस पर सामान्य तौर पर होने वाली पार्टी की जगह स्पा पार्टी के आयोजन की बात कही गई। यह खबर किसी राष्ट्रीय विषय को उठाने के अंतर्गत नहीं छापी अपितु वह किसी एक मूर्ख महिला द्वारा अपने बच्चे के लिए की गई इस पार्टी को देशभर में अनुसरण कर करवाने के लिए छापी। राजीव भाई टाइम्स ऑफ इंडिया पढ़ते थे क्योंकि उन्हें पता है कि जितने भी षड्यंत्र हैं उनकी जानकारी इस अखबार को पढ़ने से अवश्य मिल जाएगी। यहां षड्यंत्र यह है कि किसी कंपनी द्वारा एक महिला को ऐसी पार्टी करने की प्रेरणा देकर और फिर राष्ट्रीय अखबार में उसे प्रमुखता से स्थान देने के लिए व्यवस्था की गई और इसका प्रभाव यह होगा कि पैसे से समृद्ध परंतु बुद्धि से पैदल लोग इसका अंधानुकरण करेंगे। जो बचपन से ही बच्चों को ब्यूटी पार्लर जैसे स्थान का ग्राहक बनाने की तैयारी कर देगा जिसके फलस्वरूप इन ब्यूटी पार्लर में प्रयोग ह...

जब लूटने वाले पूर्ण सक्रिय है तो बचाने वाले शांत क्यों बैठे?

जब लूटने वाले पूर्ण सक्रिय है तो बचाने वाले शांत क्यों बैठे? अभी तो बहुत काम बाकी है (एक छोटी सी घटना जो मेरे साथ हुई) मेरे पिता सेना से सेवानिवृत्त है और उन्हें सेना की कैंटीन से सस्ता सामान जो ज़्यादातर विदेशी होता है वो बाज़ार से काफी कम दाम पर मिल जाता है लेकिन उसका फायदा राजीव भाई को सुनने के बाद कम ही ले पाते है मेरे पिता अपने स्वभाव के कारण सभी की मदद को तैयार रहते है मेरे घर के पास आर्थिक रूप से परेशान एक नल आदि ठीक करने वाला plumber सूरज रहता है जो हमें भी अपनी सेवा देता रहता है उसने पिता जी से निवेदन किया की मुझे कैंटीन से कुछ सामान मंगवाना है पिताजी ने कहा की जब वहां का चक्कर लगेगा तो ले आऊंगा, मेरे पिता का खुद का सामान कम होता है और दूसरो का अधिक वो सामान ले आये और घर पर कोने में रख दिया मुझे इस बात का पता नहीं था तो मैंने पुछा की यह सामान किसका है तो उन्होंने कहा की प्लम्बर का है क्योंकि उस सामान में Horlicks, Johnson Baby Soap, Maggi , ketchup जैसी वस्तुए थी जो हमारे घर में प्रयोग नहीं होते थे लगभग रूपए 1500-2000 का सामान था 15-20 दिन हो ...

गोधूली वाहक एवं आचार्य हेतु आवेदन

गोधूली वाहक / आचार्य हेतु आवेदन ************************************** आवेदन हेतु इस लिंक पर भी जा सकते है  goo.gl/vTBPCP Loading...

भाग 1 - रसोई को किचन न बनाये - जिज्ञासा बहनजी - गोधूली कार्यक्रम (07 अक्टूबर 2018)

भाग 1 - रसोई को किचन न बनाये -  जिज्ञासा बहनजी  गोधूली कार्यक्रम (07 अक्टूबर 2018) ज्ञानी लोगो से परिचय की श्रृंखला में गोधूली परिवार के द्वितीय आयोजन में रसोई विज्ञानं का पहला भाग आने वाली और आ चुकी पीढियों की भलाई के लिए एक प्रयास वीरेंद्र की लेखनी से संस्थापक वीरेन्द्र गौधूली VirenderSingh.in Gaudhuli.com