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Another propaganda: Spa birthday parties for kids


Another propaganda: Spa birthday parties for kids




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आने वाली पीढ़ियों पर करें उपकार
भारतीयता स्वीकार अंग्रेज़ियत का बहिष्कार
आज टाइम्स ऑफ इंडिया में एक समाचार पढ़ा, जिसमें बच्चों के जन्म दिवस पर सामान्य तौर पर होने वाली पार्टी की जगह स्पा पार्टी के आयोजन की बात कही गई।
यह खबर किसी राष्ट्रीय विषय को उठाने के अंतर्गत नहीं छापी अपितु वह किसी एक मूर्ख महिला द्वारा अपने बच्चे के लिए की गई इस पार्टी को देशभर में अनुसरण कर करवाने के लिए छापी।
राजीव भाई टाइम्स ऑफ इंडिया पढ़ते थे क्योंकि उन्हें पता है कि जितने भी षड्यंत्र हैं उनकी जानकारी इस अखबार को पढ़ने से अवश्य मिल जाएगी।


यहां षड्यंत्र यह है कि किसी कंपनी द्वारा एक महिला को ऐसी पार्टी करने की प्रेरणा देकर और फिर राष्ट्रीय अखबार में उसे प्रमुखता से स्थान देने के लिए व्यवस्था की गई और इसका प्रभाव यह होगा कि पैसे से समृद्ध परंतु बुद्धि से पैदल लोग इसका अंधानुकरण करेंगे। जो बचपन से ही बच्चों को ब्यूटी पार्लर जैसे स्थान का ग्राहक बनाने की तैयारी कर देगा जिसके फलस्वरूप इन ब्यूटी पार्लर में प्रयोग होने वाली कॉस्मेटिक्स और अन्य शरीर के लिए हानिकारक उत्पादों का बाजार और बढ़ेगा।
मेरा यह मानना है कि बच्चों की लिए इस प्रकार की साज सज्जा किस काम की? जब ईश्वर ने उनकी त्वचा को पहले से ही कोमल और उत्तम बना कर भेजा है।
मैंने देखा है कि बच्चों के स्कूल के कार्यक्रमों में उन्हें लिपस्टिक पाउडर और अन्य कॉस्मेटिक्स चेहरे पर लगाकर डांस या अन्य कार्यक्रम करवाए जाते हैं। जिसके विरुद्ध हूं बच्चों का नृत्य यह कोई भी कार्यक्रम उनकी प्रतिभा देख कर ही सफल हो सकता है ना कि
उनके चेहरे पर रसायनों से भरे केमिकल्स लगाकर साझा करने से ऐसे किसी भी प्रकार के बर्थडे पार्टी या कार्यक्रम में अपने बच्चे को ना भेजें जहां उन्हें शरीर पर रसायनों के लगाने की आदत पड़े।



बच्चो के लिए सावधानियां:
- किसी भी रूप में उन्हें लिपस्टिक आदि से दूर रखे
- ऊंची ऐड़ी वाली सैंडल आदि पहनने की आदत न डाले
- उन्हें मोबाइल से दूर रखें
- बहुत तंग शरीर से चिपकने वाले कपड़े न पहनने दें
- उन्हें डांस नही भारतीय शैली का नृत्य सिखाएं
- मांसाहार कदापि न करवाएं
- अतिआवश्यक होने पर मातापिता द्वारा कूट देने की प्राचीन, महत्त्वपूर्ण एवं विलुप्तप्राय कला का प्रयोग करें।
सावधानियां तो बहुत हैं परंतु जो भी ध्यान में आए वह में लिख दी हैं बाकी अपना भी विवेक लगाएं और बच्चों को बचाने के लिए सावधानी अपनाएं
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वीरेंद्र का विश्लेषण
संस्थापक
गोधूली परिवार
Gaudhuli.com

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