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कर्म भोग : लोग क्यों नही मानते सही बात !

 🌸 कर्म भोग - 🌸 बहुत से भाई मुझे कॉल कर बताते है की हम लोगो को राजीव भाई के अनुसार जीवन में स्वस्थ रहने की प्रेरणा देते है तो वो सुनते नहीं है और कुतर्क करते है तो मैं उनको यही कहता हूँ की जब तक अपने कर्मो के पाप फल कोई पूरा नहीं भुगत लेगा तब तक इश्वर उसको सही बात को मानने की बुद्धि नहीं देगा  अतः आप प्रयास करते रहे जब उसके सद्कर्म उदय होंगे तो वो सब बात मानेगा इसी को विस्तार से यहाँ बताया गया है की क्यों बच्चो, पत्नी या माता पिता की बीमारी में हमारा धन नष्ट होता है या उनके द्वारा हमे दुःख मिलता है इसे ध्यान से पढ़े: ★  पूर्व जन्मों के कर्मों से ही हमें इस जन्म में माता-पिता, भाई-बहन, पति-पत्नि, प्रेमी-प्रेमिका, मित्र-शत्रु, सगे-सम्बन्धी इत्यादि संसार के जितने भी रिश्ते नाते हैं, सब मिलते हैं । क्योंकि इन सबको हमें या तो कुछ देना होता है या इनसे कुछ लेना होता है । ★    सन्तान के रुप में कौन आता है ? ★  वेसे ही सन्तान के रुप में हमारा कोई पूर्वजन्म का 'सम्बन्धी' ही आकर जन्म लेता है । जिसे शास्त्रों में चार प्रकार से बताया गया है -- ★  ऋणानुबन्ध  :...

400 वर्ष बर्फ में दबा रहा केदारनाथ मंदिर एक अनसुलझी पहेली है !

केदारनाथ मंदिर का निर्माण किसने करवाया था इसके बारे में बहुत कुछ कहा जाता है। पांडवों से लेकर आदि शंकराचार्य तक। आज का विज्ञान बताता है कि केदारनाथ मंदिर शायद 8वीं शताब्दी में बना था। यदि आप ना भी कहते हैं, तो भी यह मंदिर कम से कम 1200 वर्षों से अस्तित्व में है। केदारनाथ की भूमि 21वीं सदी में भी बहुत प्रतिकूल है। एक तरफ 22,000 फीट ऊंची केदारनाथ पहाड़ी, दूसरी तरफ 21,600 फीट ऊंची कराचकुंड और तीसरी तरफ 22,700 फीट ऊंचा भरतकुंड है। इन तीन पर्वतों से होकर बहने वाली पांच नदियां हैं मंदाकिनी, मधुगंगा, चिरगंगा, सरस्वती और स्वरंदरी। इनमें से कुछ इस पुराण में लिखे गए हैं। यह क्षेत्र "मंदाकिनी नदी" का एकमात्र जलसंग्रहण क्षेत्र है। यह मंदिर एक कलाकृति है I कितना बड़ा असम्भव कार्य रहा होगा ऐसी जगह पर कलाकृति जैसा मन्दिर बनाना जहां ठंड के दिन भारी मात्रा में बर्फ हो और बरसात के मौसम में बहुत तेज गति से पानी बहता हो। आज भी आप गाड़ी से उस स्थान तक नही जा सकते I फिर इस मन्दिर को ऐसी जगह क्यों बनाया गया? ऐसी प्रतिकूल परिस्थितियों में 1200 साल से भी पहले ऐसा अप्रतिम मंदिर कैसे बन सकता है ? 1200 ...