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कैसे बनाएं शरद पूर्णिमा की विशेष आयुर्वेदिक खीर?

शरद पूर्णिमा 6 अक्तूबर 2025 अश्विन मास के शुक्‍ल पक्ष की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा कहा जाता है । वर्ष की सभी पूर्णिमा में आश्विन पूर्णिमा विशेष चमत्कारी मानी गई है। शरद पूर्णिमा के दिन नदी में स्नान करने का विशेष महत्व है। इस दिन ज्योतिर्लिंग और शक्तिपीठ का दर्शन करना भी बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। शरद पूर्णिमा की रात में चांद धरती के सबसे करीब होता है। अंतरिक्ष के समस्त ग्रहों से निकलने वाली सकारात्मक ऊर्जा चंद्रकिरणों के माध्यम से पृथ्वी पर पड़ती हैं। मान्यता है कि शरद पूर्णिमा को चांद 16 कलाओं से संपन्न होकर अमृत वर्षा करता है। यह स्वास्थ्य के लिए अक्षय फलदायी होता है। शास्त्रों के अनुसार इस तिथि पर चंद्रमा से निकलने वाली किरणों में सभी प्रकार के रोगों को हरने की क्षमता होती है। इस दिन चंद्रमा का दर्शन करना और उसकी अराधना करना काफी शुभ फल दायक माना जाता है। लक्ष्मी पूजन और रात्रि जागरण से व्रती को धन और समृद्धि की प्राप्ति होती है। आँखों के लिए टॉनिक: त्रिफला, शहद और देसी गाय के शुद्ध घी का 02:02:01 के अनुपात में मिश्रण तैयार करके उसे शरद पूनम की पूरी रात को चांदनी में रखो...

पूर्वजो का धन्यवाद !

यह चित्र 2012 आगरा रेलवे स्टेशन का है। इस से पहले मैं ऐसे कान साफ करवाना सुरक्षित नही समझता था। परंतु राजीव भाई को सुनकर पहली बार इस प्रकार से कान साफ़ करवाए थे। वो भी केवल 20 रु में जो आनंद आया मैं उसका वर्णन नहीं कर सकता न डिग्री, न appointment, सेवा कभी भी कही भी। हमारे पूर्वजो के द्वारा इन कान साफ़ करने वाले लोगो की पूरी जमात खड़ी की गयी जिन्हें विशेष प्रक्षिशण दिया गया था कान की सभी परेशानियों के लिए यहाँ तक आपातकालीन स्थिति के लिए भी जिसमे कान में अगर कुछ फंस जाये तो यह आसानी से निकाल देते है ज्यादा बड़ा रोग हुआ तो आयुर्वेदिक वैध हुआ करते थे।  अब यही काम डिग्री के चक्कर में कुछ डॉक्टरों की बपौती बन गया है।  जिनके पास कुछ आधुनिक मशीने है जिसका खर्चा यह हमसे लेते है।   कान साफ़ होते देखना कई लोगो को बहुत भाता है इसीलिए यूट्यूब पर करोडो लोग कान को साफ़ होने के वीडियो को देखते है।  विदेशो में कोई सोच भी नहीं सकता कि सड़क किनारे बैठकर  कान साफ़ हो सकता है।  पहले के लोग अपनी पूरी दूकान अपनी बगल में लेकर चलते थे।    वो अलग बात है की आज इसमें कुछ गलत त...