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सूर्य ग्रहण में सूतक के नियम एवं जानकारियाँ

21 जून, 2020 का सूर्य ग्रहण आज के कुछ तथाकथित वैज्ञानिकता वाले युग जीने का दम्भ भरने वाले लोग इन सब बातो को अन्धविश्वास की दृष्टि से देखेंगे परन्तु इन सब नियमो के पीछे पूरी तरह विशुद्ध प्राचीन विज्ञान छिपा है  जिसे साधारण जनमानस को पालन करने हेतु साधारण भाषा में पाप आदि से जोड़ दिया गया है अतः हमारे पूर्वजो ने जिन पद्दतियों की नींव डाली थी वह भले ही आज अन्धविश्वास लगे परन्तु उनका शुद्ध रूप में पालन हमारे समाज एवं स्वास्थ्य के लिए लाभदायक ही होगा।   पहले के भारत के लोगो ने कभी नहीं कहा की वो वैज्ञानिक युग में जी रहे है परन्तु उनका जीवन पूरी तरह से वैज्ञानिकता से परिपूर्ण था आज के समय में हर दूसरा व्यक्ति विज्ञान की दुहाई देता है परन्तु सबका जीवन पूरी तरह से अवैज्ञानिक है  21 जून, 2020 का ग्रहण वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा।  इसका परिमाण 0.99 होगा।  यह पूर्ण सूर्यग्रहण नहीं होगा क्योंकि चन्द्रमा की छाया सूर्य का मात्र 99% भाग ही ढकेगी।  आकाशमण्डल में चन्द्रमा की छाया सूर्य के केन्द्र के साथ मिलकर सूर्य के चारों ओर एक वलयाकार आकृति बनाय...

आपको ऐसा क्यों लगता है कि मैं मोदी विरोधी हूँ?

यह इस देश के एक युवा के मन की बात है ! अब राहुल गाँधी अभी तक युवा नेता है तो मैं भी स्वयं को युवा कह सकता हूँ! जिसकी जैसी दृष्टि होगी उसको इस लेख में वैसा ही अर्थ और भाव नज़र आएगा इसीलिए यदि आपको ऐसा क्यों लगता है कि मैं मोदी विरोधी या प्रशंसक हूँ? तो उसका दोष या श्रेय मुझे नहीं स्वयं को दें! भले ही मैं व्यक्तिगत रूप से कोरोना षड्यंत्र का समर्थक नहीं परन्तु फिर भी जिस प्रकार से मोदी जी के सशक्त नेतृत्व में इस स्थिति से निपटा गया, उसकी मैं प्रशंसा करता हूँ। यही कारण है कि वो सबकी पसंद थे चाहे देश की प्रजा हो या विश्व के अन्य देश। इसी क्षमता के लिए उन्हें प्रधानमंत्री पद के लिए चुना गया। गुजराती व्यक्ति अपना प्रचार करना बहुत अच्छे से जानता है यह उनका भी स्वाभाविक गुण है। यदि यह नेतृत्व कांग्रेस का होता तो जो विनाश कुछ वर्षो में होना था वो इन कुछ महीनो में हो जाता परन्तु ध्यान देने योग्य बात यह है की विनाश टला नहीं है होगा अवश्य। अब मेरी इस पोस्ट को मोदी विरोधी समझो या पक्ष में परन्तु सत्य है कि मैं उनका सबसे बड़ा शुभचिंतक हूँ, जैसे कोई कवि व्यंग्य में किसी को भी लपेट कर मर्यादा में अंत...