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जो कुत्ता मारे सो कुत्ता, जो कुत्ता पाले सो कुत्ता!

जो कुत्ता पाले सो कुत्ता जो कुत्ता मारे सो कुत्ता घर में (प्रेशर) कुकर और कुकुर (कुत्ता)  दोनों ही हानिकारक है।    इस पोस्ट का अर्थ यह कदापि नहीं है कि कुत्तो पर अत्याचार हो या उन्हें सडको से हटा दिया जाए।  अपितु जो लोग सडको पर कुत्तो को रोटी आदि प्रतिदिन देते है उनको मेरा प्रणाम है।  सड़क पर घुमते कुत्ते बहुत ज़रूरी है परन्तु घर में साथ रखने के लिए नहीं।   जिनको ऊपर लिखी बात से ठेस पहुंची है उनको और भी ठेस पहुंचगी यह जानकर कि घर में कुत्ता पालने वालो या कुत्ते को स्पर्श करने वालो के द्वारा कोई भी पुण्य कर्म का लाभ कुकुर पालक को नहीं मिलता।   चाहे वह हवन, यज्ञ, दान या किसी भी अन्य प्रकार का सुकर्म हो। यहाँ तक कि कुत्ते को स्पर्श करने के बाद 21 दिन तक यज्ञादि करने की अनुमति भी नहीं है।  जिस देश में अतिथि को देवता स्वरुप माना गया और चौखट पर "स्वागतम"  लिखवाया जाता था उस देश में द्वार पर  "कुत्ते से सावधान" का बोर्ड अब स्वागत करता है।   मुझे तो अभी तक समझ नहीं आया कि घर के किस कुत्ते से सावधान रहने की चेतावनी ह...

इसे कहते है थूककर चाटना! सैनिटाइज़र खतरनाक: स्वास्थ्य मंत्रालय की बड़ी चेतावनी, न करें अधिक इस्तेमाल

  इसे कहते है थूककर चाटना! ************************ सैनिटाइज़र खतरनाक: स्वास्थ्य मंत्रालय की बड़ी चेतावनी, न करें अधिक इस्तेमाल क्या आपको पता है कि ज्यादा सैनिटाइटर का इस्तेमाल नुकसानदेह है। जी हां, हाल ही में सैनिटाइजर को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने चेतावनी जारी की है ई दिल्ली: पूरी दुनिया इन दिनों कोरोना महामारी से जंग लड़ रही है। कोरोना से बचने के तमाम देशों में वैक्सीन पर ट्रायल चालू है, हालांकि ये लोगों के पास कब तक आएगा ये साफ नहीं हो पाया है। ऐसे में इससे बचने के लिए मास्क और सैनिटाइजर ही लोगों के पास हथियार के रूप में बचा है। निचे दिए गए निर्देश में एक बहुत महत्वपूर्ण बात कही गई है कि लोगो के ऊपर किसी भी परिस्थति में किसी भी प्रकार का जीवाणु रोधक कोई केमिकल न छिड़का जाए क्योंकि यह शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से हानि करता है। परन्तु यदि आप लोगो की स्मृति थोड़ी अच्छी हो तो शायद आपको याद होगा कि इस देश में जो अद्वितीय पहल हमारे माननीय प्रधान सेवक ने सम्पूर्ण लॉकडाउन लगाकर अपने अद्भुत बुद्धि का परिचय दिया था उसी की कड़ी में मज़दूरों का ऊपर अमानवीय तरीके से एक खतरनाक रसायन जो किसी...

क्यों बधाइयाँ दे रहे हो ?? हैप्पी न्यू ईयर की !

  लोगों ने दिमाग खराब कर रखा है। हैप्पी न्यू ईयर...हैप्पी न्यू ईयर... अरे भाई भेड़ चाल देखकर ही क्यों बधाइयाँ दे रहे हो ?? क्या सच मे 2022 आ गया ?? 2022 तो क्या भी तो 2021 भी नहीं आया !! आपने थोड़ा भी विज्ञान पढ़ा हो तो ये बात झट से आपके समझ मे आ जाएगी !! की 2022 आया ही नहीं बल्कि 2021 भी नहीं आया !! आइए अब मुख्य बिन्दु पर आते हैं ! पहले ये जानना होगा कि एक वर्ष पूरा कब होता है ??? और क्यों होता है ??? एक वर्ष 365 दिन का क्यों होता है और एक दिन 24 घंटे का ही क्यों होता है ?? तो पहले बात करते हैं 1 दिन 24 घंटे का क्यों होता है ? तो मित्रो आपने पढ़ा होगा की हमारी पृथ्वी अन्य ग्रहों की भांति सूर्य के चारों और घूम रही है !! और चारों और घूमते घूमते अपने आप मे भी घूम रही है ! इस वाक्य को फिर समझे कि एक तो पृथ्वी पूरा चक्र सूर्य के चारों तरफ चक्र लगा रही है ! और चारों तरफ चक्र लगाते लगाते अपने आप मे भी घूम रही है !! पृथ्वी अपने अक्ष(अपने आप ) मे घूमने में 24 घंटे का समय लेती है, जिसे हम एक दिनांक(एक दिन ) मान लेते हैं। तो इस तरह पृथ्वी के अपने आप मे एक चक्र पूरा होने पर एक दिन पूरा हो जाता है...