उचित स्वदेशी अपनाएं, भारत बचाएँ







उचित स्वदेशी अपनाएं, भारत बचाएँअर्थात स्वदेशी को स्वदेशी के माध्यम से ही अपनाएं

***
बहुत से लोग पूछते है कि भाई आप अपने गोधूलि परिवार के उत्पाद
अमेज़न और फ्लिपकार्ट जैसी ईकॉमर्स वेबसाइट से क्यों नहीं बेचते?
जिस से शुद्ध सामान सबको आसानी से मिल सके
तो मैं विनम्रता से कहना चाहूंगा की इनके भरोसे काम न किया है न करेंगे
जो मुनाफा इनको देना है वो अपने उत्पादक भाई या परिवार को देना अधिक बेहतर है
इनके द्वारा सामान बिकवाना एक तरह से इनके हाथ बिकना है जो स्वीकार्य नहीं है हमें
सभी देशवासियों से निवेदन है की स्वदेशी सामान का माध्यम भी स्वदेशी हो तो ही उचित है
कोरोना के बाद भी यदि हम भारतवासियों की आँखें न खुली तो भारत क़र्ज़ के ऐसे दुष्चक्र में फँस जायेगा
जिसको चुकाते चुकाते हमारी आने वाली पीढ़ियां पूर्ण आर्थिक गुलामी में फस जाएगी।

हो सकता है वर्तमान आर्थिक संकट से निपटने के लिए सरकार बड़े बड़े आर्थिक सहायता के पैकेज देश को दें परन्तु वह सब
वर्ल्ड बैंक आदि से लोन के माध्यम से ही मिलेगा और यह क़र्ज़ जो किसी नेता को अपनी जेब से नहीं अपितु भारत की प्रजा को ही चुकाने है उसके लिए जापान की तरह स्वावलम्बी बनने का पहला चरण उचित स्वदेशी के माध्यम से ही मिलेगा।
और मैं यह नहीं कहता की गोधूलि से ही ख़रीदे अपितु आप अपने निकट के जो भी शुद्ध उत्पाद बनाता है उस से लेने की आदत डाले
इन वालमार्ट और अमेज़न जैसी कंपनियों के दिए छोटे मोटे डिस्काउंट के लालच में न फंसकर
आईये प्रण लें विदेशी कंपनियों की वेबसाइट का पूर्ण बहिष्कार करें।
स्वदेशी सामान इसके द्वारा न बेचेंगे न खरीदेंगे
उचित स्वदेशी अपनाएं
कीबोर्ड रुपी कलम से
देशहित में लिखता
-वीरेंद्र
सह-संस्थापक
गोधूलि परिवार
Gaudhuli.com

Comments

Popular posts from this blog

डेटॉक्स के लिए गुरु-चेला और अकेला को कैसे प्रयोग करें / How to use Guru Chela and Akela for Detox (with English Translation)

त्रिफला खाकर हाथी को बगल में दबा कर 4 कोस ले जाएँ! जानिए 12 वर्ष तक लगातार असली त्रिफला खाने के लाभ!

*कश्यपसंहिता में वर्णित 3 हज़ार वर्ष पुराना आयुर्वेदिक टीकाकरण - स्वर्णप्राशन*