राजीव भाई की फ़ोटो को बना दिया ट्रेडमार्क! - इंडिया से भारत की ओर - वीरेंद्र के साथ

राजीव भाई की फ़ोटो को बना दिया ट्रेडमार्क!

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राजीव भाई की फ़ोटो को बना दिया ट्रेडमार्क

राजीव भाई के प्रचार वाले सभी यूट्यूब चैनल और फेसबुक पेज होंगे बंद 


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नीचे दिए लिंक पर क्लिक करे और यह एप्लीकेशन नंबर 3423240 डाले और स्वयं देखे की क्या पाप हुआ है

https://ipindiaonline.gov.in/eregister/Application_View.aspx
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ट्रेडमार्क की परिभाषा है।

"a special symbol, design or that a company puts on its products and that cannot be used by any other company

व्‍यापार-चिह्न (किसी कंपनी द्वारा अपनी वस्‍तुओं के लिए प्रयुक्त विशेष चिह्न, डिज़ाइन या नाम जिसका इस्‍तेमाल दूसरी कंपनी नहीं कर सकती), मार्का, ट्रेडमार्क
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आप सभी को जानकर अति दुख होगा कि प्रदीप दीक्षित ने राजीव भाई के नाम व फ़ोटो का कॉपीराइट अर्थात ट्रेडमार्क ले लिया है। इसका देशव्यापी विरोध होना चाहिए।

जिन राजीव भाई ने स्वयं कभी कॉपीराइट का समर्थन नहीं किया
राजीव दीक्षित के छोटे भाई ने वो कर दिया जिसे देख उनके भाई की आत्मा रोती होगी!

जिस Trade शब्द का वास्तविक अर्थ लूट बताया था राजीव भाई ने। आज उसी के चित्र पर TradeMark लगभग ले लिया गया है। राजीव भाई के नाम पर ट्रेडमार्क अर्थात उनके नाम पर लूटने का लाइसेंस।

आवेदन स्वीकार होने में 4 दिन शेष हैं।


इन 4 दिनों में प्रदीप दीक्षित के इस कुकृत्य को इतना फैला दो कि उसकी यह एप्पलीकेशन अस्वीकार हो जाए।

जिनको नही समझ आ रहा कि इसका क्या प्रभाव होगा उनको इसका अर्थ समझा देते है।

कहानी 2013 में शुरू हुई जब प्रदीप दीक्षित ने मुझे यह कार्य सौंपा था कि मैं उनके हर ऑडियो वीडियो पर दिल्ली के कॉपीराइट आफिस में आवदेन करू। परन्तु मैंने साफ मना कर दिया था।

क्योंकि इनका मन था की राजीव भाई के नाम पर चल रहे सभी सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, यूट्यूब आदि पर चल रहे सभी पेज और।चैनल बंद होने चाहिए। क्योंकि उनकी कमाई इन्हें नही मिल रही थी। अब ऐसे मूर्ख को कौन समझाए की जिन चैनल को तुम बंद करवाना चाह रहे हो उनको देखकर तो तुम्हारे यहाँ लोग बेवकूफ बन भावनाओ में बहकर आ जाते है। खैर ऐसी कई मूर्खतापूर्ण कृत्य देख कर प्रदीप का साथ छोड़ा। जेब और कान दोनो का कच्चा व्यक्ति कभी नेतृत्व नही कर सकता।

अब इनको राजीव भाई की फ़ोटो लगाकर कंपनी बनानी थी। सो अब राजीव भाई की फ़ोटो पर ट्रेडमार्क लेकर सभी यूट्यूब चैनल को बंद करवाने का प्रयास होगा।

अब हमेशा की तरह जैसे ही विरोध शुरू होगा हमेशा की तरह प्रदीप दीक्षित या तो लच्छेदार बातें करके यह कहेगा की जो लोग राजीव भाई के नाम का प्रयोग पैसा कमाने के लिए कर रहे है यह ट्रेडमार्क उनको रोकने के लिए लिया जा रहा है। लेकिन यह स्वयं उनके नाम पर पूरी इंडस्ट्री खड़ी कर देंगे


अपने भाई की मृत्यु के बारे में हमेशा झूठ बोलने वाला यह व्यक्ति आज़ादी बचाओ आंदोलन के समय से राजीव भाई पर लगे आर्थिक आरोपों के कारण बना ।

यह कारण था की राजीव भाई कभी भी इनको अपने साथ व्याख्यानों में नहीं ले गए और इनका काम सेवाग्राम में बैठ कर किताबे और cd डाक से भेजने का ही रहा जिसमे इन्होने सदैव गड़बड़ की और इस बात का प्रमाण इनके पुराने साथियो के द्वारा बताई कई बातें है

और इसका एक उदहारण तो हमारे ही सामने हुआ जब इन्होने राजीव भाई की समाधि पर 2012 में पैसो के लिए सोयबीन ऊगा दी और जब सोशल मीडिया पर विरोध हुआ तो मुझसे कहा गया की फेसबुक पर लिख दो की यह हमने शोध कार्य के लिए उगाई थी।

यह व्यक्ति केवल राजीव भाई के भाई है इसके अलावा इसमें कोई राष्ट्रभक्ति नहीं है केवल और केवल पैसा कमा कर आगे राजनीती में जाना इनका अंतिम उद्देश्य है

*क्या करना है अब?*

- पूरे देश के राजीव भाई समर्थक सेवाग्राम जाकर इनका घेराव करें
- अपने फेसबुक, व्हाट्सप्प, यूट्यूब हर जगह राजीव भाई की फोटो लगाए और मैं इनको चुनौती देता हूँ की है हिम्मत तो मुझ पर केस करो!
- इनकी संस्था को दान देना बंद करो
- वाग्भट्ट आयुर्वेद के नाम से बिक इनके उत्पादों का बहिष्कार करो
- इनके आयोजित कार्यक्रमों का बहिष्कार
- ये जहाँ भी मिले इनकी घेराबंदी की जाये और यह प्रश्न पुछा जाये
- इनके फसेबूक पर यह प्रश्न पूछो #राजीव भाई के नाम पर ट्रेडमार्क क्यों?




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- वीरेंद्र

9 comments:

  1. rajiv Bhai ka Bhai kitna gatiya aadmi nikla apne Bhai ke Kaam pr trademark or raha h kamina

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  2. भाई यह व्यक्ति ने आज तक राजीव दिक्सित द्वारा एकत्रित डाक्यूमेंट्स नही दी यह उन डाक्यूमेंट्स से पैसा कमाना चाहता था। अगर वो डाक्यूमेंट्स नेट में आ जाते तो स्वदेशी आंदोलन बहुत तेज़ी से बढ़ता।

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  3. It is totally against the rajiv bhaiji policy.it should not happen.

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  4. Rajiv bhai dixit hamesha amar rahenge. Pradip dixit ki lalach use nark me le.jayengi.

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  5. Pradeep dixit ko sabak sikhana hi jaruri he

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