आज की नारी — पढ़ी-लिखी गांधारी भाग 1 — साक्षर है... पर क्या शिक्षित भी है? पहले समझ लेते हैं कि गांधारी थी कौन? गांधार की राजकुमारी, धृतराष्ट्र की पत्नी और सौ पुत्रों की माँ। उसकी आँखें बिल्कुल ठीक थीं। लेकिन जब उसे पता चला कि उसका होने वाला पति धृतराष्ट्र नेत्रहीन है, तो उसने अपनी आँखों पर भी पट्टी बाँध ली और जीवन भर न देखने का निर्णय लिया। महाभारत में गांधारी के सौ पुत्रों का वर्णन है और युद्ध के अंत में वह अपने सभी पुत्र खो चुकी थी। यहाँ मैं यह नहीं कह रहा कि उसने पट्टी बाँधी इसलिए उसके सौ पुत्र मारे गए। महाभारत इतना बचकाना कारण-परिणाम नहीं है। मैं उस पट्टी को प्रतीक की तरह देख रहा हूँ। आँखें थीं। देख सकती थी। समझ भी सकती थी। कई अवसरों पर उसने दुर्योधन को समझाया भी। फिर भी एक माँ के रूप में उसके जीवन का अंत अपने सौ पुत्रों का विनाश देखने में हुआ। और यहीं मुझे आज की माँ में गांधारी दिखाई देती है। आज पट्टी आँखों पर नहीं है। आज पट्टी सुविधा की है। आज की माँ पढ़ सकती है। लेकिन प्रश्न है— क्या पढ़ सकना ही शिक्षित होना है? मेरी दृष्टि में साक्षर वह है जो अक्षर पढ़ सके। शिक्षित ...
आने वाली पीढ़ियों को समर्पित