Posts

Showing posts from December, 2020

मनुष्य बाहरी मकान तॊ बना लेता हैं मगर उसकी चेतना का घर खण्डहर ही रहता हैं

Image
  बीते हफ़्ता, दो मित्रों ने अपना नया मकान देखने बुलाया। एक को 11 साल लगे.. मकान बनवाने में , दूसरे को 9 साल। इस एक दशक के समय में उन मित्रों ने बस एक ही काम किया ..वह यह कि - 'मकान बनवाया' ! ...औऱ उससे पहले 20 साल तक जो काम किया वो यह कि 'मकान बनवाने" लायक पैसा जुटाया। यानि, जीवन के बेशक़ीमती 30 साल सिर्फ़ 'अपना मकान बनवा लूं' इस फितूर में निकाल दिए। मेरी, मकान, इंटीरियर , एलिवेशन , लक धक साज-सज्जा जैसी चीज़ों में बिल्कुल भी रूचि नही है ..बल्कि साफ़ कहूं ..तॊ अरुचि ही है। ..वे मित्र , उच्चता के घमंड से विकृत हुए ..एक-एक कमरे , गैलरी, गार्डन , आर्किटेक्ट की बारीकियां , उनके निर्माण में लगी सामग्री , ख़र्च हुआ पैसा ..आदि विवरण दे रहे थे । इधर मैं भी सौजन्यतावश "हूं , हां " अच्छा ", वाह , ग़ज़ब " जैसी प्रतिक्रियाएं देकर उनके अभिमान को पुष्ट किए दे रहा था ! जबकि हक़ीक़त यह थी कि मैंने शायद ही किसी चीज़ को गौर से देखा हो !! बचपन से ही मुझे मकान , गाड़ी , कपड़े जैसी बातों में न्यूनतम रूचि रही है । उनकी रनिंग कॉमेंट्री रुकने का नाम नहीं ले रही थ...

टीको से हुई मृत्यु की अखबार में छपी खबरे / Death from Vaccines in News

Image