बच्चो के शरीर से विषैले तत्वों को निकलने का उपाय - अमृत-प्राशनम्



*अमृत-प्राशनम्*-



*संस्कृति गुरुकुलम* और *गोधूलि परिवार* द्वारा चलाये गए स्वर्णप्राशन (आयुर्वेदिक टीकाकरण) आंदोलन की अपार सफलता के पश्चात अब जिन बच्चो को अनजाने में टीके लगा दिए गए है उनके माता पिता के लिए *शुभ समाचार*

आयुर्वेद के विभिन्न ग्रंथो में अनेक ऐसी औषधियां बताई गई है जो शरीर में अनेक प्रकार से जानेवाले Toxins को दूर करती है और बच्चो को अनेक प्रकार के रोगों से बचाती है इन औषधियों में महापंचगव्य घृत, मधु, शुद्ध हींग अर्क, सुवर्णरिप्य, गिलोय, पिप्पली इत्यादि... इन सबको उचित मात्रा में शास्त्रीय पद्धति से मिलकर बनाया गया एक सर्वोत्तम औषध है "अमृत-प्राशनम्"


लाभ:

1) "अमृत-प्राशनम्" के गुण अमृत तुल्य होने से इसके नियमित सेवन से रोग रोग-प्रतिकारक सामर्थ्य बढता है और बालक तेजस्वी और स्वस्थ रहता है।  बच्चो के शारीरिक विकास तो भी तेज़ करता है 

2)  बालको के शरीर में विविध प्रकार के विषाक्त पदार्थों (Toxins) अनेक माध्यमो से जाते है - जैसे टीकाकरण (Vaccinations) से, खेतो में प्रयोग किये जाने वाली दवाइयों से (pesticide), अशुद्ध जल-वायु द्वारा आदि  इन सबके निवारण हेतु "अमृत-प्राशनम्" अत्यंत लाभदायक है  

3)  "अमृत-प्राशनम्" का किसी भी प्रकार का कोई दुष्प्रभाव (Side-Effect) नहीं है अतः सभी बच्चो को निर्भयता से दे सकते है

उपयोग विधि:

  • 6  मास से 3 वर्ष तक के बच्चो को 3 से 5 बूँद प्रतिदिन 
  • 3 वर्ष से 5 वर्ष तक के बच्चो को 5 से 7 बूँद प्रतिदिन 
  • 5 वर्ष से 14 वर्ष तक के बच्चो को 7 से 8 बूँद प्रतिदिन 

यह टीको द्वारा शरीर मे आये विषैले पदार्थों को शरीर से निकालता है और बच्चो को उनके कारण भविष्य में होने वाले रोगों से बचाता है।


यह 14 वर्ष तक के बच्चो को दिया जा सकता है। इसमें किसी नक्षत्र का ध्यान रखने की आवश्यकता नहीं है।
यदि स्वर्ण-प्राशन भी दे रहे रहे है तो प्रातः स्वर्ण-प्राशन और सांयकाल में अमृत-प्राशन दे सकते है

मंगवाने के लिए संपर्क करें।
8920266719, 9873410520

- आने वाली पीढ़ियों को समर्पित
*गोधूलि परिवार* द्वारा जनहित में जारी

*गोधूली परिवार: सदस्यता प्रपत्र*

https://goo.gl/vHBPwv
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