कोरोना से डरो ना!



हाथ मिलाकर वायरस को भारत करेगा "नमस्ते"






कोरोना से डरो ना!
जो डर गया वो मर गया कोरोना को हाथ मिलाकर (हैंडशेक) दुनिया ने फैलाया इसके विपरीत भारत भी वायरस को हाथ मिलाकर अर्थात "नमस्ते" कह करेगा विदा WHO के अनुसार कोरोना वायरस का पहला केस 31 दिसंबर 2019 , वुहान, चीन में आया परन्तु Dettol कम्पनी ने 27 अक्टूबर 2019 को बने उत्पाद पर कोरोना वायरस छाप कर बेचना शुरू कर दिया था क्या डेटोल वालो को पहले से ही जानकारी थी की इस वायरस का हमला होने वाला है? क्या यह कोरोना अन्य वायरस की तरह ही सामान्य वायरस है जिसका अनावश्यक प्रचार कर भय का माहौल फैलाकर बाजार को बढ़ावा दिया जा रहा है? होने दो कोई भी वायरस या हो कोरोना प्रतिदिन यह ऊपरी किया करो ना तो सुनिश्चित करेगा आपका निरोगी होना वैसे तो हर चौराहे पर होने वाले होली-दहन की गर्मी के कारण कोई जीवाणु बचेगा नहीं। हमारे त्योहारों की वैज्ञानिकता का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है ठन्डे प्रदेशो को ही किसी भी प्रकार का वायरस अधिक भय होता है जैसे चीन में ठण्ड अधिक पड़ती है और उनके खाने पीने की आदतों का तो विवरण करने की आवश्यकता ही नहीं है। बाज़ारवाद प्रेरित, प्रभावित एवं प्रचारित होने के कारण इस और इस जैसे कोई भी वायरस भारत की जलवायु में टिक नहीं सकते। शेष आपके विवेक पर छोड़ता हूँ

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