Corona को रोना बंद: चिट्ठी को तार समझना, ज़्यादा लिखे को सार समझना


Corona को रोना बंद:

भारत में अन्नक्षेत्र अभी भी चल रहे है, गुरुद्वारों में लंगर चल रहे है, नदियों में सामूहिक रूप से डुबकी लगायी जा रही है, मंदिरो में, गुरुद्वारों में भीड़ उतनी ही है वहां क्यों नहीं फैलता? अगले वर्ष हरिद्वार महाकुम्भ है वहां करोडो लोग आएंगे लेकिन कोई बीमारी नै फैलती! 




भयग्रस्त, Sanitizer प्रयोगकर्ता, मास्कधारी कोरोना विरोधी महान रोगप्रतिरोधक क्षमता विहीन भारत की अंधानुकर्ता अधिकतर जनता के लिए जानकारी
वायरस कोई मक्खी मच्छर नहीं है जो मास्क लगाने से रुक जायेगा, यह अति सूक्ष्म जीवाणु है जो शरीर के 9 द्वारा में से कही से भी घुस सकता है अतः केवल एक द्वार पर मास्क लगाने से कोई फायदा नहीं, सभी द्वार पर मास्क लगाएं और पक्की सुरक्षा करें
जैसे आपको सांप ने काँटा और वह विषैला न भी हो तो व्यक्ति डर के कारण मर जाता है! ठीक वैसे ही कोरोना का रोना मचा है
कोरोना को टेस्ट करने की एक किट शायद 2000 में मिल रही है




PCR नाम का टेस्ट वायरस को जांचने के लिए किया जाता है जो की बहुत विश्वसनीय नहीं है
जिसमे वायरस जैसी आकृति दिखने की पुष्टि होती है परन्तु वायरस की नहीं
यदि विश्वास न हो तो पूछ लो डॉक्टर से
इस भय से पैसा वहां न खर्च करें जहाँ "वो" चाहते है बल्कि वहां जहाँ उन्होंने आशा न थी की आप खर्च कर देंगे
बाकि आप स्वयं समझदार है तो
ज़्यादा लिखे को सार समझना
चिट्ठी को तार समझना

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