2003 से संसद में सभी कोल्ड ड्रिंक्स ब्रांड की बिक्री पर रोक है भारत में क्यों नहीं?



2003 से संसद में सभी कोल्ड ड्रिंक्स ब्रांड की बिक्री पर रोक है पूरे भारत में क्यों नहीं?

सरकारों का दोगलापन हमेशा से रहा है, सेवक बनकर दलाली ही की है

अब अविवेकी और व्यवस्था के गुलाम लोग ऐसी दलील देंगे कि "कोल्ड ड्रिंक नहीं बेचेंगे तो देश का खर्चा कहाँ से चलाएगी बेचारी  सरकार?"

हमारे एक साथी भाई अनूप पाण्डेय जी भारत सरकार से यह जानकारी ली तो चित्र में लिखे पत्र में जवाब मिला उसका हिंदी में अनुवाद इस प्रकार है
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प्रश्न 1
सरकार द्वारा एक सांसद को कितनी प्रकार की सब्सिडी दी जाती है
प्रश्न २
और भारत सरकार इन सब्सिडी पर कितना खर्च करती है
उत्तर मिला :
यह अस्पष्ट प्रश्न है और RTI एक्ट के अंतर्गत नहीं आता
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प्रश्न 3
क्या यह सत्य है की संसद की कैंटीन में कोक और पेप्सी पर रोक है अगर हां तो क्यों?
उत्तर मिला:
संसद परिसर में 6 अगस्त 2003 से सभी ब्रांड की कोल्ड ड्रिंक और सॉफ्ट ड्रिंक की पूर्ती और बिक्री पर रोक है, यह निर्णय संसद परिसर में भोजन प्रबंधन की संयुक्त समिति द्वारा लिए गया
("क्यों?" का उत्तर नहीं दिया गया)
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प्रश्न 4
संसद की कैंटीन में परोसे जाने वाले मेनू का विवरण
उत्तर : संलग्न है
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प्रश्न 5
उन सांसदों के नाम जिन्होंने LPG सब्सिडी को छोड़ दिया है
उत्तर:
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय को अग्रेषित कर दिया गया
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अब कोल्ड ड्रिंक वाले मुद्दे पर सरकार से कोई पूछे की क्यों पूरे भारत के लोगो के अनगनित कारणों के कारण यह विष बिकवाया जा रहा है जो वेह स्वयं नहीं लेना चाह्ते

और हम भारत के लोग जब तक रोक नहीं लगेगी विष लेना बंद नहीं करेंगे

जागो भारत जागो!

- कीबोर्ड रूपी कलम से 
सही को सही और गलत को गलत कहने का साहस करने वाला 
-वीरेंद्र

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