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एक पिता का करवाचौथ पर बेटी को पत्र

 

एक पिता का करवाचौथ पर बेटी को पत्र -



प्रिय पुत्री

आर्शीवाद 

 तू ससुराल में ख़ुश होगी । सारा समाज करवाचौथ का त्यौहार मनाने जा रहा है और सभी सुहागन स्त्रीयाँ आपने पति की लम्बी आयु के लिए व्रत रखेंगी।  तेरी शादी के बाद यह पहला करवाचौथ है और शायद तू भी अन्य स्त्रियों की तरह व्रत रखे।  मेरे मन में इस विष्य पर कुछ विचार आये सो तुम्हें पत्र लिख रहा हूँ । 

                      बेटी अगर तू भी ऐसा समझती है कि केवल व्रत रखने से पति की उम्र लम्बी होगी तो उस व्रत में यदि नीचे लिखे मेरी बातों के पालन का व्रत भी सम्मिलित करेगी तो सच मे पति के साथ पूरे परिवार की आयु बढ़े या न बढ़े परंतु सबके जीवन मे सुख अवश्य बढ़ेगा।


अगर तुम सच में अपने पति की लम्बी उम्र की कामना करती हो तो ईश्वर से इसकी प्रार्थना  करना तथा अपने लिए ईश्वर से माँगना  कि ईशवर तुम्हारी बुद्धि को हमेशा नेक, सत्य, धर्म व पवित्रता के मार्ग पर चलाए, तेरा मन कभी चंचलता में भटक न जाए । अपने पति से हृदय से प्रीति करना । अगर उसकी लम्बी उम्र चाहती हो तो उसके मन को शांत रखना। परिवार में सब से मिल कर चलना अपने साँस ससुर की अलोचनाओं से पति के मन में कटुता मत भरना । पति के मन अनुसार व जो उसे प्रिय हो ऐसा अपना आचरण और स्वभाव रखना । उससे छिपा कर कोई ग़लत काम न करना ,लोगों में पति की बुराई न करना तथा निरादर न करना , अगर कही मन मुटाव हो तो उसे आपस में ही सुलझा लेना,पति से छिप कर कोई भोग पदार्थ न लेना , परिवार में कोई समस्या आये तो मिल जुल कर हल करना । 


वरना आपस में अविश्वास पैदा होगा और झगड़ा होगा तथा तुम दोनों का जीवन सुखमय नहीं रहेगा और तुम दोनों का स्वस्थ भी ठीक नही रहेगा तथा लम्बी उम्र पाने की सोच व्यर्थ होगी।  


बेटी अपने स्वभाव को हमेशा शान्त रखना तुम अपने शांत भाव से बड़ी से बड़ी मुश्किल घड़ी को सरलता से सुलझा लेगी । कभी भी अपना धैर्य मत खोना । तेरी दृष्टि, तेरी वाणी, तेरा आचरण धर्मानुसार व पति के अनुकूल और उसे प्रिय होना चाहिए । पति को ही अपना स्वामी पालन करने हारा मानना उसके अलावा किसी अन्य से प्रिति भाव न रखना । मेरी इन शिक्षाओं पर निश्चय से चलना ही असली व्रत है। 

                          अगर तू मेरी इन बातों को मन में रख कर व्यवहार में लाएगी तो तेरा पति तेरे से हमेशा प्रसन्न चित रहेगा तथा उसके प्रसन्न रहने से उसका स्वस्थ अच्छा होगा व आयु भी लम्बी होगी । पति के प्रसन्न रहने से घर में धन लक्ष्मी व समृद्धि आयेगी और ऐश्वरय, सौभाग्य, सुसन्तान की वृद्धि होगी । इस तरह तुम अपने पति के साथ वृद्धावस्था तक प्रसन्न चित ,स्वस्थ जीवन का भोग करेगी । 

व्रत स्वास्थ्य के लिय अच्छा है लेकिन अगर कोई सोचे कि केवल इससे ही पति की उम्र लम्बी होगी यह बिलकुल ग़लत सोच है। पति की उम्र तो जैसे मैंने ऊपर लिखा है उसी अनुसार स्वभाव और आचरण करने से होगी । मुझे आशा है तू मेरी बातों पर अमल करेगी और भूखे रहने के साथ इन बातों के पालन का भी व्रत लेगी। 


अपने पति लंबी आयु के लिए दिन भर भूखा रहने का यह त्यौहार अपने आप मे सुदृढ़ पतिव्रता धर्म का अद्भुत समागम है। इसे करना कभी मत छोड़ना।


सदैव ख़ुश रहो


तुम्हारा पिता ।

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