सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Synthetic Preservative - धीमे ज़हर (लाइसेंस देकर जहर बेचने का व्यापार)

 


Synthetic Preservative - धीमे ज़हर- 

**********************************


हमारे पूर्वज वैज्ञानिकता के साथ अपना जीवन जीते थे लेकिन ऐसा कभी नही कहा कि हम वैज्ञानिकता से जीते है परंतु आज हम कहने तो विज्ञान के युग मे जी रहे है लेकिन हमारा जीवन जीने का ढंग पूरी तरह अवैज्ञानिक है 

**********************************


कभी आपने सोचा कि क्या आप किसी फल का रस घर मे निकालकर और अपने बच्चो को 3 महीने बाद उसे पीने के देती है क्या? आप कहेगी की नही दूंगी क्योंकि वो तो खराब होकर ज़हर बन गया लेकिन जब वही रस डब्बे में पैक करके कई महीनों की expiry date लिखकर कोई कंपनी आपको अच्छी से पैकिंग में बेचती है तो आप क्यो पिलाते हो तो आपका उत्तर होगा कि उसमें तो Preservative होते है। 


आज जानिए की सच क्या है? 


कुछ दिन पहले दिल्ली के प्रगति मैदान में लगे आहार मेले में गया। वहां पैक किये हुए केमिकल युक्त भोजन की भरमार थी। शाम को भूख लगी तो आहार मेले में खाने लायक आहार नही मिला। क्योंकि नीचे गूगल ड्राइव के लिंक की इस pdf में वहाँ लगी कुछ कंपनियों के स्टॉल द्वारा बेचे जा रहे synthetic preservative अर्थात जल्दी ख़राब होने वाले खाद्य पदार्थो को महीनों तक अप्राकृतिक रूप से खराब न होने देने वाले अप्राकृतिक मानवनिर्मित धीमे ज़हर के प्रचार हेतु पर्चो का संकलन है। 


https://drive.google.com/file/d/0B8p0iKVVr91abXdBbTkxeVFxbEU/view?usp=drivesdk


जहां हमारे घरों में प्राकृतिक preservative जैसे गन्ने के रस से बना सिरका (Gaudhuli.com पर उपलब्ध) अचार में राई, सरसों के तेल आदि से 20 साल तक भी वो ख़राब नही होते थे जो पूर्णतया वैज्ञानिक था 


परंतु यह बेकाबू और अमानवीय बाज़ारवाद ही है जो इस pdf में दिए धीमे विष को कानूनी रूप से बेचने का अधिकार दिलवा कर हमारी छाती पर बैठकर बेचा जा रहा है। इसे ध्यान से पढ़ेंगे तो पता चलेगा कि हमारे भोजन, दवाई और सौंदर्य प्रसाधन (cosmetics) में इन धीमे ज़हरों की भरमार है।


मुनाफे के लिए चीनी से 200 औऱ 600 गुना अधिक मीठे केमिकल बनाकर बेचे जा रहे है जिसका मतलब है कि यदि किसी कारखाने में 600kg चीनी का प्रयोग होता है तो इस केमिकल से केवल 1kg में ही वो काम हो जाएगा लेकिन उसका आने वाली और वर्तमान पीढ़ियो पर क्या असर होगा वह कोई नही सोच रहा। 


सफेद रंग जो  क्रीम, पाउडर, टूथपेस्ट और कई खाने को सफेद और उजला रंग देने में काम आता है वो वास्तव में टाइटेनियम डाइऑक्साइड है।


खाद्य और पेय पदार्थों में और (अब तो वैक्सीन में भी होने लगा है) सबसे अधिक प्रयोग किया जाने वाला preservative है सोडियम बेंज़ोएट (Sodium Benzoate)   जो पैकिंग पर E211 और E266 कोड से दर्शाया जाता है यह लगभग हर जगह प्रयोग होता है। वैसे तो इसमें कई अवगुण है लेकिन एक उदाहरण देता हूँ कि बाजार में मिलने वाली सारी पैकिंग वाली कोल्ड्रिंक्स और रसो में यह डलता है और धूप के संपर्क में आते ही यह कैंसरकारक  तत्व में बदल जाता है। तो आगे से यदि आप किसी भी बोतल को धूप में रखा देखे तो समझ जाइये की जब इसे फ्रिज में ठंडा करके बेचा जाएगा तो पीने वाले तो कैंसर होना तय है।


बाकी आप स्वयं अध्ययन करे और इसे अधिक से अधिक लोगो तक प्रेषित करें

अतः आगे से बाजार में मिलने वाली सभी वस्तुओं में यह सभी होगा इसे ध्यान में रखकर ही कुछ  खाने का सोचे।


ऐसे कृत्रिम रसायनमुक्त उत्पादों के लिए

Gaudhuli.com से अपने परिवार के लिए जैविक उत्पाद मंगवाए


जनहित में प्रेषित

वीरेंद्र सिँह

VirenderSingh.in

Fb.com/virendersingh16

Youtube.com/virendersingh16



टिप्पणियाँ

  1. बहुत ही जरूरी जानकारी प्रदान की है आपने।

    जवाब देंहटाएं
  2. Absolutely True. Your Gut Health will be ruined if you eat or drink such products excessively. Vaidyaraj Anil has innovated Gba Drops from the Banyan Tree . Two Drops in a glass of water taken before Sleep takes care of your gut that is adversely affected due to the toxicity drunk or eaten during the day. Study POOPpeepers.com

    जवाब देंहटाएं
  3. Bahut sharm ki baat hai ajmal acchi chej ka koi prachar nhi hota aur jahar ka jaldi prachar hota hai

    जवाब देंहटाएं

एक टिप्पणी भेजें

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

त्रिफला कल्प | Trifala Kalp : जानिए 12 वर्ष तक लगातार असली त्रिफला खाने के लाभ! |

हिन्दी English आयुर्वेद • त्रिफला • 12 वर्ष का कल्प त्रिफला कल्प जानिए 12 वर्ष तक लगातार असली त्रिफला लेने की पारंपरिक विधि त्रिफला केवल कभी-कभार पेट साफ करने वाला चूर्ण नहीं माना गया। आयुर्वेद में इसे रसायन के रूप में भी स्थान मिला है। यहाँ त्रिफला का सही अनुपात, आयु के अनुसार मात्रा, ऋतु के अनुसार अनुपान, 12 वर्ष के कल्प और इसके अन्य पारंपरिक प्रयोगों को सरल और व्यवस्थित रूप में रखा गया है। हरड़ बहेड़ा आँवला घी शक्कर संग खाए हाथी दाबे कांख में और चार कोस ले जाए 1 कोस लगभग 3–4 किलोमीटर त्रिफला आखिर है क्या? आयुर्वेद के अनुसार हरड़, बहेड़ा और आँवला—इन तीन फलों के मिश्रण को त्रिफला कहा जाता है। परंपरागत आयुर्वेदिक दृष्टि में इसे वात, पित्त और कफ के संतुलन से जोड़कर देखा गया है। पुराने वर्णनों में त्रिफला को दीर्घकालीन पोषण और कायाकल्प से भी जोड़ा गया है। त्रिफला किस अनुपात में बनता है? अभ...

प्यास लगी थी गजब की…मगर पानी मे जहर था…

 प्यास लगी थी गजब की…मगर पानी मे जहर था… पीते तो मर जाते और ना पीते तो भी मर जाते. बस यही दो मसले, जिंदगीभर ना हल हुए!!! ना नींद पूरी हुई, ना ख्वाब मुकम्मल हुए!!! वक़्त ने कहा…..काश थोड़ा और सब्र होता!!! सब्र ने कहा….काश थोड़ा और वक़्त होता!!! सुबह सुबह उठना पड़ता है कमाने के लिए साहेब…।। आराम कमाने निकलता हूँ आराम छोड़कर।। “हुनर” सड़कों पर तमाशा करता है और “किस्मत” महलों में राज करती है!! दौलत की भूख ऐसी लगी कि कमाने निकल गए दौलत मिली तो हाथ से रिश्ते निकल गए बच्चो में रहने की फुरसत न मिली कभी फुरसत मिली तो बच्चे खुद कमाने निकल गए “शिकायते तो बहुत है तुझसे ऐ जिन्दगी, पर चुप इसलिये हु कि, जो दिया तूने, वो भी बहुतो को नसीब नहीं होता”.. अजीब सौदागर है ये वक़्त भी!!!! जवानी का लालच दे के बचपन ले गया…. अब अमीरी का लालच दे के जवानी ले जाएगा. …… लौट आता हूँ वापस घर की तरफ… हर रोज़ थका-हारा, आज तक समझ नहीं आया की जीने के लिए काम करता हूँ या काम करने के लिए जीता हूँ। “थक गया हूँ तेरी नौकरी से ऐ जिन्दगी मुनासिब होगा मेरा हिसाब कर दे…!!” भरी जेब ने ‘ दुनिया ‘ की पहेचान करवाई और खाली जेब ने ‘ अपनो ‘...

2003 से संसद में सभी कोल्ड ड्रिंक्स ब्रांड की बिक्री पर रोक है भारत में क्यों नहीं?

2003 से संसद में सभी कोल्ड ड्रिंक्स ब्रांड की बिक्री पर रोक है पूरे  भारत में क्यों नहीं? सरकारों का दोगलापन हमेशा से रहा है, सेवक बनकर दलाली ही की है अब अविवेकी और व्यवस्था के गुलाम लोग ऐसी दलील देंगे कि "कोल्ड ड्रिंक नहीं बेचेंगे तो देश का खर्चा कहाँ से चलाएगी बेचारी  सरकार?" हमारे एक साथी भाई अनूप पाण्डेय जी भारत सरकार से यह जानकारी ली तो चित्र में लिखे पत्र में जवाब मिला उसका हिंदी में अनुवाद इस प्रकार है . *********************************************************************** प्रश्न 1 सरकार द्वारा एक सांसद को कितनी प्रकार की सब्सिडी दी जाती है प्रश्न २ और भारत सरकार इन सब्सिडी पर कितना खर्च करती है उत्तर मिला : यह अस्पष्ट प्रश्न है और RTI एक्ट के अंतर्गत नहीं आता **************************************************************************** प्रश्न 3 क्या यह सत्य है की संसद की कैंटीन में कोक और पेप्सी पर रोक है अगर हां तो क्यों? उत्तर मिला: संसद परिसर में 6 अगस्त 2003 से सभी ब्रांड की कोल्ड ड्रिंक और सॉफ्ट ड्रिंक की पूर्ती और बिक्री पर रोक है, यह निर्णय संसद परिसर में भोज...