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क्या मोमोज़ और उसकी चटनी बढ़ती जनसँख्या को रोकने का कारगर उपाय बन सकता है? - पूछता है देश / Could Momos as food be another great tool for population control?

  


मोमोज आपकी जिंदगी बर्बाद कर देगा!!

Could Momos as food be another great tool for population control?

आजकल गली मोहल्लो नुक्कड़ मार्केट पर सिल्वर के स्ट्रीमर में उबलते हुए मोमोज तीखी लाल मिर्च की चटनी के साथ खाते हुए युवा किशोर आपको भारी संख्या में दिख जाऐंगे।

अक्सर शाम के समय मासूम युवा किशोर नहीं जानते वह मोमोज खा कर अपने स्वास्थ्य चरित्र को किस हद तक बर्बाद कर रहे हैं।

Momos  मैदा के बने हुए होते हैं मैदा गेहूं का एक उत्पाद है जिसमें से प्रोटीन व फाइबर निकाल लिया जाता है मृत  starch ही शेष रहता है।

उसे और अधिक चमकाने के लिए बेंजोयल पराक्साइड मिला दिया जाता है जो एक रासायनिक बिलीचर है।

जी हां वही ब्लीचर्स जिससे चेहरे की सफाई की जाती है।यह ब्लीचर शरीर में जाकर किडनी को नुकसान पहुंचाता है। 

मैदे के प्रोटीन रहित होने से इसकी प्रकृति एसिडिक हो जाती है यह शरीर में जाकर हड्डियों के कैल्शियम को सोख लेता है तीखी लाल मिर्च की चटनी उत्तेजक होती है, जिससे यौन रोग धातु रोग नपुंसकता जैसी महा भयंकर बीमारियां देश के किशोर व युवा को खोखला कर रही है।






साथ में इसमें अजीनोमोटो भी मिलाया जाता है जिसका हानि का विवरण नीचे दिया गया है।  

इस में ऐसे कैमीकलों को मिलाया जाता है जो बच्चों के दिमाग में चले जाते हैं।

जिससे बच्चों का मन बार बार खाने को करता है।

यह कैमीकल बच्चीयों में बांझपन और लड़कों को नपुंसकता पैदा करते है।

जिसकी खाने वालों को भनक भी नहीं लगती।

यह खाना आपकी आंतों में जाकर चिपक जाता है।

आंतों का सत्यानाश कर देता है।

जिससे बच्चों में नया खून बनना बंद हो जाता है और शरीर का विकास रूक जाता है।

जीभ के स्वाद में आकर अपने स्वास्थ्य को युवा किशोर खराब कर रहे हैं।

Momos पूर्वी एशियाई देशों चीन तिब्बत का खाना है वहां की जलवायु के यह अनुकूल वहां है भारत की गर्म जलवायु के यह अनुकूल नहीं है।

दिल्ली, कोटा, पटना जैसे शहर जहाँ हमारे बच्चे जाकर UPSC, IIT, NEET अदि की  तैयारी करते है उनके कोचिंग और घरो के पास सबसे अधिक यह मोमोज़ नाम का कचरा ही बिकता है।  बेचने वालो को तो बढ़िया मुनाफा होता है लेकिन आपका घाटा ही घाटा है।  

आपका नौनिहाल बड़ा अफसर या इंजीनियर डॉक्टर बनने के चक्कर में उसी का भोग लगभग प्रतिदिन लगा ही लेता है, उसके अलावा पिज़्ज़ा, बर्गर, स्प्रिंग रोल, चाऊमीन, चाय और कुछ अधिक गंभीर केस में सिगरेट, दारु यह सब तो अलग से है ही।  जिस काम में बुद्धि की सबसे अधिक आवश्यकता है वहां बुद्धि भ्रष्ट करने वाली खाने की वास्तु बच्चा खायेगा तो परीक्षा में सफल कैसे होगा।  

अब वो परीक्षा की तैयारी में सफल हो या न हो लेकिन स्वयं को बीमार और बाँझ बनाने की तैयारी में बिना प्रयास ही सफल होने की तैयारी कर लेता है।  अब ऐसा भोजन करके अफसर बन भी गए तो विकृत स्वास्थ्य और बीमार दिमाग लेकर वो देश का कितना भला करेंगे पता नहीं।  

कुछ घरो में जहाँ ज़्यादा पढ़ी लिखी माँ होती है वहां तो तो कढ़ाई भर भर कर यह बनने लगा है

जिस देश में पहले बाहर जाकर घर जैसा खाना ढूंढते थे वहां आज लोग घर में बाहर जैसा खाना यूट्यूब से देखकर बनाने में लगे है।  

आज ही शुभ संकल्प लें इस और इस जैसे अन्य स्वास्थ्य नाशक रोग प्रधान आहार को कभी नहीं खाऐंगे ना ही किसी को और कम से कम अपने बच्चो को खाने दिजिए !!


refernce links : https://news.abplive.com/news/india/momos-cause-cancer-viral-sach-answers-it-540522

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अजीनोमोटो :सफ़ेद जहर।

Monosodium  Glutamate (MSG) White Poison

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अजीनोमोटो पर विस्तृत जानकारी के लिए निचे लिंक पर क्लिक करें 

इस लिंक पर क्लिक करें 



आप चाइनीज़ के नाम पर खा रहे है ज़हर 


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मोमो की मोहमाया से देश को निकालने का प्रयास करता 

वीरेन्द्र 

जानकारी देह एवं देश हित में प्रेषित  


संस्थापक - गोधूली परिवार 

Gaudhuli.com



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